शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा और आभूषण चोरी के आरोपों को लेकर महाराष्ट्रभर में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। राम मंदिर चंदा चोरी पर उद्धव ठाकरे का तंज! | Source: NDtv.com

राम मंदिर चंदा चोरी पर उद्धव ठाकरे का तंज!NDtv.com

इस अभियान की शुरुआत मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर से हुई, जहां पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नेताओं और शिवसैनिकों के साथ 'राम रक्षा' स्तोत्र, 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले गुरुओं ने सोने की चोरी का मुद्दा उठाया था और अब बद्रीनाथ में भी चोरी की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि शिवसेना की ओर से राम मंदिर के लिए दिए गए एक करोड़ रुपये और एक ईंट का क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था के नाम पर मासूम हिंदुओं को लूटा जा रहा है।

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने कहा कि हम निडर, देशभक्त और आस्था रखने वाले हिंदू हैं। अगर कोई हिंदुत्व का इस्तेमाल मंदिरों को लूटने के लिए करता है, तो हिंदू उसे कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि हिंदुओं को लूटने वाले ही आज सत्ता में बैठे हैं। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा,

"वे कहते हैं कि 'अयोध्या तो बस एक झांकी थी, अभी काशी और मथुरा बाकी है', लेकिन मुझे चिंता इस बात की है कि वहां भी कहीं लूट की घटनाएं न हों।"

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हिंदुओं को एकजुट करने का काम सबसे पहले बालासाहेब ठाकरे ने किया था। उन्होंने कहा कि हम सच्चे हिंदू हैं, सीधे-सादे जरूर हैं, लेकिन किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। यदि आस्था का इस्तेमाल कर मंदिरों में कथित लूट की जाएगी, तो हिंदू ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर चुनावी लाभ उठाया गया, जबकि मंदिर आंदोलन में सबसे बड़ा योगदान शिवसैनिकों का रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई दंगों के दौरान जब हिंदू खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे, तब केवल बालासाहेब ठाकरे उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। उसी दौर में बड़ी संख्या में हिंदुओं ने शिवसेना का झंडा थामकर संगठन पर अपना भरोसा जताया।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन लोगों के लिए शिवसेना ने वर्षों तक काम किया, वे पिछले 12 साल से देश की सत्ता में हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अफ़ज़ल खान की तरह कट्टर हिंदू शिवसेना को ही खत्म करने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद हिंदुत्व का राजनीतिक फायदा उठाया गया, जबकि सवाल पूछने का काम केवल शिवसेना ने किया। उद्धव ने कहा कि अगर अयोध्या में ऐसी स्थिति है, तो काशी का क्या होगा? जो लोग हिंदुओं के नाम पर चुनाव जीतकर सत्ता में आए, वही अब मंदिरों को लूटने का काम कर रहे हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख ने कहा कि पहले गुरुओं ने सोने की कथित चोरी का मुद्दा उठाया था, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन हड़पने के आरोप लगे और बद्रीनाथ में भी चोरी की घटनाओं की चर्चा हुई। उन्होंने सवाल किया कि शिवसेना की ओर से राम मंदिर के लिए दिए गए एक करोड़ रुपये और एक ईंट का क्या हुआ। उद्धव ने आरोप लगाया कि भगवान के चरणों में श्रद्धा से चढ़ावा चढ़ाने वाले मासूम हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और कहा कि ऐसा करने वालों को हिंदू कहलाने पर शर्म आनी चाहिए।