भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेले जाने वाले टेस्ट मुकाबले से पहले टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग ११ को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। मैच से एक दिन पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कई अहम संकेत दिए। उन्होंने युवा बल्लेबाज साईं सुदर्शन की भूमिका, स्पिन आक्रमण की रणनीति और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के खेल को लेकर खुलकर बात की। गंभीर के बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि भारतीय टीम इस मुकाबले में किस संयोजन के साथ मैदान पर उतर सकती है।
तीसरे नंबर पर उतरेंगे साईं सुदर्शन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने साफ किया कि साईं सुदर्शन को शीर्ष क्रम में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि साईं को अभी तक उतने मौके नहीं मिले हैं, जितने वह डिजर्व करते हैं। गंभीर के मुताबिक युवा बल्लेबाज ने अपने करियर के शुरुआती दौर में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्रिकेट खेली है और अब उन्हें खुद को साबित करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साईं सुदर्शन ने इस साल आईपीएल में सात सौ से अधिक रन बनाकर अपनी क्षमता दिखाई है। ऐसे में कुछ मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना सही नहीं होगा। गंभीर का मानना है कि लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
प्लेइंग 11 में संतुलन पर रहेगा जोर
गौतम गंभीर ने कहा कि टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सर्वश्रेष्ठ ग्यारह खिलाड़ियों का चयन करना है। भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाकर मैदान पर उतरना चाहती है। इसी वजह से अंतिम एकादश तय करते समय खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और मैच की परिस्थितियों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
गंभीर के बयान से संकेत मिला है कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के साथ-साथ भविष्य की तैयारियों को भी ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है।
चौथे स्पिनर की तलाश में टीम इंडिया
भारतीय कोच ने स्पिन विभाग को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीम इस मुकाबले में चौथे स्पिनर के विकल्प को तैयार करने पर काम कर रही है। गंभीर ने कहा कि मानव सुथार और हर्ष दुबे की शैली में कुछ समानताएं हैं, लेकिन दोनों की गेंदबाजी में अलग-अलग विशेषताएं भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी श्रीलंका दौरे को देखते हुए टीम चार स्पिनरों के संयोजन पर विचार कर रही है। वहीं न्यूजीलैंड दौरे के लिए अलग तरह की तैयारी की जाएगी। गंभीर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए परिस्थितियों के अनुसार पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी होता है।
ऋषभ पंत के खेल पर क्या बोले गंभीर?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम गंभीर से ऋषभ पंत की आक्रामक बल्लेबाजी शैली को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत के स्वाभाविक खेल में किसी तरह का बदलाव नहीं चाहता।
हालांकि गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर खिलाड़ी को मैच की परिस्थितियों को समझते हुए खेलना पड़ता है। उनके मुताबिक आक्रामकता महत्वपूर्ण है, लेकिन सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। यह बयान बताता है कि भारतीय टीम पंत को उनकी स्वाभाविक शैली में खेलने की आजादी देना चाहती है, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी की भी उम्मीद रखती है।
मुकाबले पर रहेंगी सभी की नजरें
भारत और अफगानिस्तान के बीच यह टेस्ट मुकाबला शनिवार से मुल्लांपुर में शुरू होगा। मुकाबले का टॉस सुबह नौ बजे होगा, जबकि खेल की शुरुआत सुबह साढ़े नौ बजे से होगी। गौतम गंभीर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम किस अंतिम संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है और साईं सुदर्शन को मिली नई जिम्मेदारी पर वह कितना खरे उतरते हैं।
