उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने एनकाउंटर की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही, बल्कि लोगों की पहचान और वर्ग को देखकर कार्रवाई की जा रही है।
एनकाउंटर को लेकर वीरेंद्र सिंह का बड़ा आरोप
एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जिस तरह से आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, उसी तरह एनकाउंटर की घटनाओं में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में कार्रवाई एक सोची-समझी रणनीति के तहत की जा रही है, जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सपा सांसद ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पीडीए वर्ग से संबंधित होता है तो उसके खिलाफ ज्यादा कठोर कार्रवाई की जाती है, जबकि अन्य लोगों के मामलों में अलग रवैया देखने को मिलता है। उनके मुताबिक यह स्थिति प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
पीडीए देखकर हो रही है कार्रवाई
वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर की कार्रवाई में भी भेदभाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए वर्ग से जुड़े लोगों के खिलाफ अधिक सख्त तरीके से कार्रवाई की जाती है, जबकि अन्य मामलों में अलग दृष्टिकोण अपनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जो प्रशासन के रवैये को दर्शाते हैं।
हालांकि, उनके इन आरोपों पर सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सपा सरकार बनने पर अपराधियों के खिलाफ सख्ती का दावा
सपा सांसद ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी की पहचान उसकी जाति, धर्म या वर्ग से नहीं, बल्कि उसके अपराध से होनी चाहिए।
वीरेंद्र सिंह के अनुसार, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और अपराध के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में एक विशेष वर्ग को निशाना बनाए जाने की भावना लोगों के बीच पैदा हो रही है, जो चिंताजनक है।
बृजेश सिंह मामले पर भी दिया बयान
वाराणसी के चर्चित जगन्नाथ कॉरिडोर से जुड़े विवाद और बाहुबली नेता बृजेश सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी वीरेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि जब देश के गृह मंत्री किसी व्यक्ति के बारे में सकारात्मक टिप्पणी कर चुके हैं, तो उसके बाद ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं रह जाती।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
वीरेंद्र सिंह के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर नीति को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। एक तरफ सरकार कानून-व्यवस्था को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष लगातार इन कार्रवाइयों की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में सपा सांसद का यह बयान आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है।
