पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान से जुड़े विवाद पर अब सियासत भी तेज हो गई है। इस मामले पर बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने दो टूक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह विद्या मंदिर है, लाठी मंदिर या पिस्तौल मंदिर?” उनके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।
दरअसल, हाल ही में पटना स्थित खान सर की कोचिंग के बाहर हंगामा, पथराव और कथित फायरिंग की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पुलिस जांच जारी है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसी बीच अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
रामकृपाल यादव ने इस पूरे मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा संस्थान पढ़ाई और ज्ञान देने की जगह होते हैं, वहां हिंसा, डर या हथियार जैसी चीजों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी कोचिंग संस्थान के बाहर ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए।

क्या बोले मंत्री?
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा,
“विद्या मंदिर है, लाठी मंदिर है या पिस्तौल मंदिर? वहां पढ़ाई होनी चाहिए, इस तरह की घटनाएं ठीक नहीं हैं।”
उनके इस बयान को खान सर विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर खान सर पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया, लेकिन शिक्षा संस्थानों के माहौल पर सवाल जरूर उठाए।
क्या है पूरा मामला?
पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में खान सर की कोचिंग के बाहर कुछ दिनों पहले बवाल की घटना हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां दो गुटों के बीच विवाद, पथराव और कथित गोली चलने जैसी बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग खान सर के समर्थन में खड़े हैं, जबकि कुछ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सियासत भी हुई तेज
अब मंत्री के बयान के बाद मामला सिर्फ कोचिंग विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या सामने आता है। वहीं, मंत्री रामकृपाल यादव के बयान ने इस पूरे विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
