बक्सर जिले के इटाढ़ी ओवरब्रिज में उद्घाटन के महज एक महीने बाद ही बड़ी दरार सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। रेलवे ट्रैक के ऊपर बने हिस्से से आगे इटाढ़ी की ओर स्थित ज्वाइंट पर यह दरार दिखाई दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दरार इतनी चौड़ी है कि उसके नीचे का हिस्सा साफ देखा जा सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हिस्से को लोहे की चादरों से ढक दिया है। साथ ही एहतियातन चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल केवल छोटे वाहनों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
यह ओवरब्रिज बक्सर बाईपास को इटाढ़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और भारी वाहनों के आवागमन के लिए प्रमुख रास्ता माना जाता है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर भी वहां पहुंच गए। वहीं भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बंद किए गए इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने की मांग भी जोर पकड़ रही है, क्योंकि भारी वाहनों के लिए वही प्रमुख मार्ग माना जाता था।
इटाढ़ी ओवरब्रिज में आई इस खामी ने बिहार में लगातार सामने आ रहे पुल और सड़क निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में राज्य के कई हिस्सों में पुलों और अन्य निर्माण परियोजनाओं में तकनीकी खामियों तथा क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में स्थानीय लोग इस मामले को भी निर्माण गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज में उद्घाटन के कुछ ही समय बाद इतनी बड़ी दरार का उभरना गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अभी तक दरार आने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इटाढ़ी ओवरब्रिज में आई दरार को लेकर कांग्रेस ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने इसे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य का नतीजा बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि परियोजना का श्रेय ले रहे थे, तो उन्हें इसकी गुणवत्ता और तकनीकी खामियों पर भी जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
