बक्सर: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार लगातार सख्ती का दावा करती रही है, लेकिन बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) से जुड़े एक मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित घूसखोरी के ऑडियो और सरकारी कार्यालय से शराब की बोतलें मिलने के मामले में 22 दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

पहले ऑडियो वायरल, फिर कार्यालय में मिली शराब

जानकारी के अनुसार 11 और 13 मई को कथित घूसखोरी से जुड़े कुछ ऑडियो सामने आए थे। इनमें आरोप लगाया गया कि बालू और कोयला लदे वाहनों को छोड़ने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत ली गई। इस मामले की चर्चा अभी जारी ही थी कि 14 मई को जिला परिवहन कार्यालय के सरकारी अलमीरा और किचेन से शराब की भरी एवं खाली बोतलें बरामद होने की सूचना सामने आई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। हालांकि घटना के 22 दिन बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं।

जांच की रफ्तार पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला अब सिर्फ शराब या कथित घूसखोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता से भी जुड़ गया है। लोगों का सवाल है कि जब कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, तो फिर शराब वहां तक कैसे पहुंची और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान अब तक क्यों नहीं हो सकी।

युवा गणितज्ञ डॉ. संदीप ठाकुर का कहना है कि यदि इसी तरह का मामला किसी आम नागरिक से जुड़ा होता तो कार्रवाई काफी तेजी से होती। उनके अनुसार जांच में हो रही देरी से कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं।

निष्पक्ष जांच के लिए प्रभारमुक्त करने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता रामजी सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को जांच पूरी होने तक प्रभारमुक्त करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित पदाधिकारी को जिम्मेदारी से अलग रखना पारदर्शिता के हित में होता।

वीडियो बयान को लेकर भी विवाद

मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आया है कि जांच पूरी होने से पहले ही संबंधित ट्रक चालक को परिवहन कार्यालय बुलाकर उसका वीडियो बयान रिकॉर्ड किया गया और उसे सार्वजनिक किया गया। कुछ लोगों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो इससे जांच प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जनता को रिपोर्ट और जवाब का इंतजार

घटना के बाद से बक्सर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग जानना चाहते हैं कि जांच आखिर किस चरण में है, रिपोर्ट कब आएगी और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उस पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।