देशभर में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार केरल में एंट्री कर ली है और अब इसकी नजर उत्तर भारत पर है। मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे में दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के करोड़ों लोग जानना चाहते हैं कि आखिर बारिश कब दस्तक देगी और तपती गर्मी से राहत कब मिलेगी।

केरल पहुंचा मॉनसून, आगे बढ़ने के लिए बने अनुकूल हालात

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच चुका है। सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी के बावजूद इसकी प्रगति अब तेज मानी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिसके चलते मॉनसून अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ेगा। केरल में मॉनसून की एंट्री के साथ कई इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है और आगे भी तेज वर्षा की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में कब पहुंचेगा मॉनसून?

मौसम के मौजूदा संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून जून के अंतिम सप्ताह में दस्तक दे सकता है। इससे पहले भी राजधानी में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जिनमें गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं शामिल हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि बीच-बीच में होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल दिल्ली का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना जताई गई है।

यूपी में कब बरसेंगे बादल?

उत्तर प्रदेश में मॉनसून आमतौर पर जून के तीसरे और चौथे सप्ताह के बीच प्रवेश करता है। पूर्वी यूपी में मॉनसून की दस्तक पहले देखने को मिल सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में इसके कुछ दिन बाद पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मॉनसून की वर्तमान रफ्तार बनी रहती है तो राज्य के अधिकांश हिस्सों में जून के आखिरी सप्ताह तक अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई को भी गति मिलेगी।

झमाझम बारिश से थमेगी गर्मी की मार

पिछले कई हफ्तों से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में मॉनसून की बारिश लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी, हवा में नमी बढ़ेगी और लू का असर काफी हद तक कम हो जाएगा। हालांकि कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

किसानों और आम लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

मॉनसून भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है और खरीफ फसलों की सफलता काफी हद तक मॉनसून पर टिकी रहती है। केरल में मॉनसून की एंट्री के साथ ही किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मॉनसून कितनी तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ता है और दिल्ली-यूपी समेत अन्य राज्यों में कब तक जोरदार बारिश शुरू होती है।