Hockey World Cup Team India Jersey: पुरुषों का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड में 14 से 30 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा, जबकि महिलाओं की प्रतियोगिता 15 से 30 अगस्त तक होगी।

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीली किट की जगह केसरिया जर्सी में नजर आएंगी। इस बदलाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नई जर्सी लॉन्च करते हुए कहा कि इसका डिज़ाइन और रंग "एक कहानी बताते हैं" और "भारत के गौरव" को प्रदर्शित करते हैं। संस्था के मुताबिक केसरिया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है। हॉकी इंडिया ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और उगते सूरज से प्रेरित यह जर्सी नई शुरुआत का संदेश देती है।" बता दें कि वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक खेला जाएगा।

जर्सी में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

नई जर्सी में 'मंडला' से प्रेरित पैटर्न भी शामिल किए गए हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाते हैं। हॉकी इंडिया के अनुसार गहरे नेवी ब्लू रंग के हिस्से अशोक चक्र से प्रेरित हैं, जो प्रगति, शांति और फोकस का प्रतीक हैं। संस्था ने बताया कि छाती पर बना ग्राफिक सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप है, जो "शक्ति, एकता और गति" का प्रतीक है। कंधों और किनारों पर तिरंगे रंग की पाइपिंग भी दी गई है, जो राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करती है।

 देवनागरी में लिखा गया 'INDIA'

जर्सी के सामने 'INDIA' को खास देवनागरी-प्रेरित शैली में लिखा गया है ताकि "भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाया जा सके।"

"हॉकी इंडिया ने जर्सी लॉन्च वीडियो में कहा, "नई जर्सी का डिज़ाइन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाता है।" केसरिया रंग के अलावा भारतीय टीमों के पास सफेद जर्सी भी होगी, जिसमें यही नया डिज़ाइन रखा गया है। हालांकि मुख्य जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया किए जाने का फैसला भारत के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा को पसंद नहीं आया।

पूर्व कप्तान ने जताई नाराजगी

ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के CEO विरेन रास्किन्हा ने 'X' पर लिखा, "मुझे कहना होगा कि @TheHockeyIndia ने कई अच्छे काम किए हैं... लेकिन यह शर्मनाक है। भारतीय टीम की पहचान और विरासत हमेशा से नीला रंग रही है। मैंने कई सालों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है। फैंस हमारी भारतीय टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं। नारंगी रंग का क्या लॉजिक है? मेरी सीधी और विनम्र बात गर्व, पहचान और विरासत के बारे में है।" हालांकि नेशनल फेडरेशन ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि केसरिया रंग चुनने में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि यह "हमारे तिरंगे का हिस्सा" है।

 हॉकी इंडिया ने फैसले का बचाव किया

हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI से कहा, "इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। केसरिया रंग की पहली जर्सी होने में क्या बुराई है? केसरिया हमारे तिरंगे का हिस्सा है। इसके अलावा, बदलाव का हमेशा स्वागत किया जाता है।"

उन्होंने यह भी कहा कि नीले हॉकी टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से फैंस और ब्रॉडकास्टर्स के लिए खिलाड़ियों को साफ-साफ देख पाना मुश्किल हो जाता है। उनका तर्क था, "इससे कंट्रास्ट कम हो जाता है, जिससे खिलाड़ी पिच के रंग में घुल-मिल जाते हैं। नीले टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से दर्शकों के लिए खिलाड़ियों पर नजर रखना मुश्किल हो सकता है।"

 नई जर्सी की खास बातें

  • केसरिया रंग: पारंपरिक नीली जर्सी की जगह अब केसरिया रंग की जर्सी होगी। हॉकी इंडिया का कहना है कि यह रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तथा उगते सूरज से प्रेरित है।
  • "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" थीम: नई जर्सी का डिज़ाइन "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना को दर्शाने और राष्ट्रीय गौरव को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
  • मंडला-प्रेरित पैटर्न: जर्सी में मंडला शैली के ग्राफिक्स शामिल हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाते हैं।
  • अशोक चक्र के तत्व: गहरे नेवी ब्लू रंग के हिस्से अशोक चक्र से प्रेरित हैं, जो प्रगति, शांति और एकाग्रता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • सुदर्शन चक्र ग्राफिक: छाती पर सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप बनाया गया है, जो शक्ति, एकता और गति का प्रतीक है।
  • तिरंगे की डिटेलिंग: कंधों और किनारों पर तिरंगे रंग की पाइपिंग दी गई है, जो राष्ट्रीय पहचान और गौरव को और मजबूत करती है।
  • स्टाइलिश 'INDIA' ब्रांडिंग: देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने के लिए "INDIA" को देवनागरी-प्रेरित स्टाइलिश डिज़ाइन में लिखा गया है।
  • वैकल्पिक सफेद किट: केसरिया जर्सी के साथ-साथ भारतीय टीमों के पास एक सफेद जर्सी भी होगी, जिसमें वही डिज़ाइन तत्व शामिल होंगे।