फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल से पहले फ्रांस के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। टीम के स्टार कप्तान किलियन एम्बाप्पे की फिटनेस को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। स्पेन के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने साफ कर दिया है कि एम्बाप्पे पूरी तरह फिट हैं और चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
रॉयटर्स के अनुसार,
France vs Spain World Cup 2026: स्पेन से महामुकाबले से पहले एम्बाप्पे की फिटनेस पर फ्रांस के कोच का बड़ा बयान*Source : NDtv.com
मोरक्को के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में 2-0 की जीत के दौरान एम्बाप्पे के टखने में हल्की चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने टीम का आखिरी ट्रेनिंग सेशन पूरा नहीं किया, जिससे उनके सेमीफाइनल में खेलने को लेकर सवाल उठने लगे थे। मैच के दौरान भी उन्हें एहतियातन निर्धारित समय से पहले मैदान से बाहर बुला लिया गया था और मेडिकल टीम की सलाह पर उनके वर्कलोड को सीमित रखा गया। हालांकि, कोच डेसचैम्प्स के ताजा बयान ने फ्रांस के फैंस की चिंता दूर कर दी है।
कोच ने एम्बाप्पे की फिटनेस पर दिया बड़ा अपडेट
सेमीफाइनल से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने किलियन एम्बाप्पे की फिटनेस को लेकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, "किलियन पूरी तरह ठीक हैं।ट्रेनिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर कोच ने बताया कि एम्बाप्पे ने अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया, हालांकि एहतियातन उन्हें एक ड्रिल में 15 मिनट की बजाय सिर्फ 10 मिनट तक ही हिस्सा लेने दिया गया। डेसचैम्प्स ने स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल अतिरिक्त सावधानी के तहत लिया गया था और उनकी चोट इतनी गंभीर नहीं है कि वह स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल से बाहर हों।
स्पेन की चुनौती, फ्रांस की नजर फाइनल पर
अब सेमीफाइनल में फ्रांस की टक्कर शानदार लय में चल रही स्पेन से होगी। स्पेन ने क्वार्टरफाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी और टीम लगातार 36 मैचों से अजेय है। दूसरी ओर, फ्रांस भी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा, जहां दोनों दिग्गज टीमें फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए जोर आजमाइश करेंगी। इस महामुकाबले की विजेता टीम 19 जुलाई को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में प्रवेश करेगी।
नॉकआउट में फ्रांस का शानदार सफर
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में फ्रांस ने अब तक शानदार और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया है। ग्रुप I में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद टीम ने राउंड ऑफ 32 में स्वीडन को 3-0 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे को 1-0 से शिकस्त दी और क्वार्टरफाइनल में मोरक्को को 2-0 से मात देकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली।
सबसे खास बात यह रही कि नॉकआउट चरण के तीनों मुकाबलों में फ्रांस ने 6 गोल दागे, जबकि उसकी मजबूत डिफेंस ने एक भी गोल नहीं खाया। अनुशासित रक्षा पंक्ति और तेज़ आक्रमण के दम पर टीम ने हर मैच में विपक्षी पर दबदबा बनाए रखा। वहीं, कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने निर्णायक मौकों पर अपनी नेतृत्व क्षमता और आक्रामक खेल से फ्रांस की जीत में अहम भूमिका निभाई है।
