नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी की नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद बांसुरी स्वराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान को संस्कारहीन, अभद्र और अश्लील भाषा वाला बताते हुए उन पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान से ऐसा लगा जैसे वे नेता प्रतिपक्ष नहीं, बल्कि एक असफल हास्य कलाकार की भूमिका निभा रहे हों।
राहुल गांधी के बयान पर क्यों भड़कीं बांसुरी स्वराज?
राहुल गांधी ने गुरुवार को रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का काम सीधा और सरल है और पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह को ‘पागल’ कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे दोनों नेताओं को चैन से सोने नहीं देंगे और बिना नफरत के अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
राहुल गांधी के इसी बयान को लेकर बांसुरी स्वराज ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए राहुल गांधी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह एक नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत एक बेहतर विपक्ष के नेता का हकदार है।
‘नेता प्रतिपक्ष नहीं, फेल स्टैंडअप कॉमेडियन लग रहे थे’
बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘राहुल गांधी ने बेहद ही संस्कारहीन, अभद्र, अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आज जितना अभद्र बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिया है, उससे वे नेता प्रतिपक्ष नहीं बल्कि एक फेल स्टैंडअप कॉमेडियन लग रहे थे। भारत एक बेहतर विपक्ष के नेता का हकदार है। एक 56 वर्षीय आदमी नाबालिग की तरह हरकत कर रहा है।’
भाजपा सांसद ने अपने बयान में राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि विपक्ष की ओर से सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक बहस के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।
बांसुरी स्वराज ने मोदी सरकार की कूटनीति का किया बचाव
बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक नहीं, दो नहीं बल्कि नौ मुक्त व्यापार समझौते करके 38 देशों के साथ भारत के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित किया है।
उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय इस आश्वासन के साथ है कि अगर कहीं युद्ध जैसी स्थिति पैदा होती है तो ‘ऑपरेशन राहत’ और ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ जैसे बचाव अभियानों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीयों को सुरक्षित घर वापस लाने का प्रयास करेंगे।
बांसुरी स्वराज ने आगे कहा कि जब कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई थी, तब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अनगिनत तेल टैंकर भारत पहुंच सके और इसके पीछे नरेंद्र मोदी के अथक प्रयास थे। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि उनके पास किसी भी तरह का सकारात्मक एजेंडा नहीं है।
‘सोशल मीडिया के मीम्स और रील्स के लिए बयानबाजी’
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी की बयानबाजी को सोशल मीडिया से भी जोड़ते हुए कहा कि अब वे केवल सोशल मीडिया के मीम्स और रील्स के लिए बयानबाजी करते हैं। बांसुरी स्वराज के इस बयान से साफ है कि भाजपा राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर किए जा रहे हमलों को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है।
राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। एक ओर राहुल गांधी केंद्र सरकार की नीतियों और भाजपा की विचारधारा पर सवाल उठाते हैं, वहीं भाजपा नेता उनके बयानों को लेकर पलटवार करते हैं और सरकार की उपलब्धियों तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का बचाव करते हैं।
राहुल गांधी ने कहा—‘नरेंद्र मोदी रात में नहीं सोते’
दरअसल, अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि ‘हम इनको पागल कर देंगे। मैं आपको बता रहा हूं कि नरेंद्र मोदी रात में नहीं सोते हैं। उसके अलग-अलग कारण हैं। कुछ स्पष्ट हैं, कुछ छिपे हुए हैं।’
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह को चाणक्य और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वह गायब हो गए और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। राहुल गांधी ने कहा कि अब सरकार को समझ आ गया है कि यह देश अपने आपको अभिव्यक्त करने से नहीं रोकेगा।
आरएसएस और भाजपा पर भी राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों की आजादी छीनना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत को किसी एक तय व्यवस्था में ढालने के बजाय देश के लोगों को अपनी बात कहने और अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनके इस बयान में सरकार और भाजपा की विचारधारा को लेकर उनकी राजनीतिक असहमति स्पष्ट दिखाई दी।
बयान पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
राहुल गांधी के बयान के बाद बांसुरी स्वराज की प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है। एक तरफ कांग्रेस सरकार और भाजपा पर लोकतांत्रिक अधिकारों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी की भाषा और उनके राजनीतिक बयानों की शैली पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक बयानबाजी पिछले कई वर्षों से भारतीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा रही है। इस बार राहुल गांधी की टिप्पणी पर बांसुरी स्वराज के तीखे शब्दों ने दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
