क्रिस्टियानो रोनाल्डो की बहन कटिया एवेइरो ने पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी के रिटायरमेंट का संकेत दिया | Source: NDTVक्रिस्टियानो रोनाल्डो की बहन कटिया एवेइरो ने पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी के रिटायरमेंट का संकेत दिया Source : NDTV

41 वर्षीय पुर्तगाली सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो के भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वर्ल्ड कप में नया इतिहास रचने वाले रोनाल्डो के संन्यास को लेकर उनकी बहन कैटिया एवेरो के एक बयान ने फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है। हालांकि रोनाल्डो ने खुद इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी बहन के दावे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी टूर्नामेंट साबित होगा।

बहन कैटिया एवेरो के बयान से तेज हुई रिटायरमेंट की चर्चा

क्रोएशिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले से पहले रोनाल्डो की बहन कैटिया एवेरो ने Sport TV से बातचीत में उनके भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास एक भरोसेमंद स्रोत से मिली जानकारी के मुताबिक क्रिस्टियानो रोनाल्डो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह सकते हैं।

कैटिया ने कहा, “मेरे पास एक भरोसेमंद सोर्स से जो जानकारी है, उसके मुताबिक वह अलविदा कह सकते हैं। जब तक यह सफर जारी है, इसका आनंद लीजिए। यह आज नहीं होगा, लेकिन बहुत जल्द हो सकता है। मुझे लगता है कि यह उनका ‘लास्ट डांस’ होगा।”

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर रोनाल्डो के संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक न तो रोनाल्डो और न ही पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

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41 साल की उम्र में रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में बनाया नया रिकॉर्ड

क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में 41 साल और 147 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप इतिहास में नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इतना ही नहीं, उन्होंने इस मैच में गोल भी दागा, जो वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में उनके करियर का पहला गोल रहा।

अगस्त 2003 में महज 18 साल की उम्र में पुर्तगाल के लिए डेब्यू करने वाले रोनाल्डो आज देश के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। वह उन चुनिंदा तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने छह फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है।

रोनाल्डो ने साल 2016 में पुर्तगाल को उसकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी यूरोपियन चैंपियनशिप (UEFA Euro) जिताई थी, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना अब तक अधूरा है। इसी वजह से मौजूदा टूर्नामेंट उनके करियर के सबसे अहम अभियानों में से एक माना जा रहा है।

कोच ने जताया भरोसा, कहा- अगले वर्ल्ड कप की क्षमता अब भी मौजूद

वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही माना जा रहा था कि यह रोनाल्डो का आखिरी विश्व कप हो सकता है। हालांकि पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने इस संभावना को खारिज करते हुए कहा था कि रोनाल्डो के अगले वर्ल्ड कप तक खेलने की क्षमता पर उन्हें कोई संदेह नहीं है।

मार्टिनेज ने पिछले महीने Cadena SER रेडियो से बातचीत में कहा था, “उन्होंने यह मुकाम अपनी मेहनत से हासिल किया है। मैंने ऐसे कई खिलाड़ियों के साथ काम किया है जिन्होंने चैंपियंस लीग या बैलन डी’ओर जीतने के बाद अपनी भूख खो दी, लेकिन रोनाल्डो बिल्कुल अलग सोच वाले खिलाड़ी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि लक्ष्य तय करके चलने से खिलाड़ी का करियर लंबा होता है। बेशक इसमें जेनेटिक्स की भी भूमिका होती है, लेकिन रोनाल्डो अपने शरीर को फिट रखने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। वह मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत हैं और यही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।”

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप के बाद अपने भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला लेते हैं या फिर अपने शानदार करियर को आगे भी जारी रखते हैं। फिलहाल उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार बना हुआ है।