डोनाल्ड ट्रंप के बयान | Source: Social media

डोनाल्ड ट्रंप के बयान Source : BBC

अमेरिका और ईरान के बीच रिश्तों में एक बार फिर तल्खी बढ़ती नजर आ रही है। इस बार विवाद की वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान बना है, जिसमें उन्होंने ईरान के बड़े नेताओं को लेकर बड़ा दावा किया। ट्रंप की टिप्पणी के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी और अमेरिका पर इतिहास, सभ्यता और सम्मान की कमी का आरोप लगाया। इस बीच ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका चाहता, तो अंतिम संस्कार में मौजूद ईरान के सभी शीर्ष नेताओं को एक ही गोली से निशाना बना सकता था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचता।

खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप की टिप्पणी

ट्रंप ने अंतिम संस्कार में जुटी भीड़ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि लोग खामेनेई से नाराज हैं, लेकिन अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है यह सिर्फ दिखावे के आंसू हों।इसके बाद उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी बड़े नेता एक ही जगह मौजूद थे और चाहें तो उन्हें एक साथ निशाना बनाया जा सकता था। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ने ऐसा नहीं किया।

ईरान ने दिया कड़ा जवाब

ट्रंप के बयान पर ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन उनके विचार और आदर्श खत्म नहीं किए जा सकते।दूतावास ने कहा कि अमेरिका ने अपनी आजादी के 250 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया, लेकिन उसके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही दूसरों की भावनाओं का सम्मान।

बातचीत को लेकर भी दिया संकेत

अपने इंटरव्यू में ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान दोनों देशों की सहमति से बातचीत कुछ समय के लिए रोकी गई थी। उनका संकेत था कि एक सप्ताह का शोक काल समाप्त होने के बाद वार्ता फिर शुरू हो सकती है।

तेहरान में श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे लोग

अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर इस समय तेहरान में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग और कई विदेशी प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहे हैं।28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में खामेनेई की मौत हुई थी। उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा। इससे पहले तेहरान, कोम, नजफ और करबला में अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।