नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने दावा किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे कार्यकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया जा रहा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, देशभर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, छात्रों, किसान संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े लोगों को रोका गया है।
CJP नेता का दावा- 10 हजार से अधिक लोग हिरासत में
CJP नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि देशभर में पार्टी, विभिन्न छात्र संगठनों, किसान और दलित संगठनों तथा राजनीतिक दलों से जुड़े कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने इसी पोस्ट में इन घटनाओं को ‘इमरजेंसी’ बताया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
दीपक बालियान की हिरासत को लेकर भी दावा
CJP नेताओं ने राजस्थान में पार्टी के को-इंचार्ज दीपक बालियान को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया है। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, दीपक बालियान को हिरासत में लेने के बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय के जरिए प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों या प्रशासन का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
भाई के साथ मारपीट का भी लगाया आरोप
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके भाई के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जल्द से जल्द अलवर पहुंचने की अपील की। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुणे से दिल्ली जा रहे छात्रों को रोके जाने का दावा
CJP संयोजक अभिजीत दीपके ने एक अन्य घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पुणे से छात्रों का एक समूह 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने सरकार से सवाल किया कि यदि ऐसी कार्रवाई हो रही है तो देश में आपातकाल की घोषणा क्यों नहीं कर दी जाती।
इटारसी और भोपाल से भी हिरासत की खबरों का दावा
CJP नेताओं की ओर से मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन और भोपाल रेलवे स्टेशन से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के दावे किए गए हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार, इटारसी में दिल्ली जाने वाले कुछ वामपंथी छात्रों को रोके जाने की बात सामने आई, जबकि भोपाल स्टेशन से तेलंगाना से आ रहे कुछ CJP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया। इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत पुलिस पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
बेंगलुरु प्रदर्शन के बाद बढ़ी हलचल
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले CJP के बैनर तले बेंगलुरु में भी प्रदर्शन किया गया। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद शाम से ही सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के दावे सामने आने लगे।
सौरव दास ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दीपक बालियान की हिरासत के संदर्भ में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘डॉन पार्टी’ की तरह काम कर रही है और भाजपा शासित राज्यों में समन्वय किया जा रहा है। दास ने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई पार्टी के आंदोलन को रोक नहीं पाएगी। यह बयान CJP की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर सबकी नजर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और CJP की ओर से चलाए जा रहे विरोध के बीच 10 अक्टूबर का जंतर-मंतर प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CJP नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन में किसानों के साथ-साथ कई राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जुलाई के प्रदर्शन के बाद CJP का दावा मजबूत हुआ
CJP नेताओं के अनुसार, जुलाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए आंदोलन के बाद पार्टी का अभियान और तेज हुआ है। पार्टी का दावा है कि इस बार उसे विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन मिल रहा है। हालांकि, समर्थन और प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बेंगलुरु में जुटे कई चर्चित चेहरे
गुरुवार को बेंगलुरु में CJP के झंडे तले हुए प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता प्रकाश राज समेत कई चर्चित नामों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने दिल्ली में होने वाले अगले कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं से जुटने की अपील की।
हिरासत के दावों ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के दावों ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। CJP नेता इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई और लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
