पटना: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिनों का बिहार दौरा राज्य में चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम साबित हो रहा है। राजधानी पटना पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे का मुख्य फोकस युवा पीढ़ी खासकर पहली बार वोट डालने जा रहे जेन-जी (Gen Z) मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से सीधे जोड़ना और जमीनी स्तर पर काम करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की कार्यप्रणाली को आसान व पारदर्शी बनाना है। अपने इस दौरे के दौरान वे राज्य के कई ऐतिहासिक और प्रशासनिक रूप से अहम जिलों का भी जायजा लेंगे।
ज्ञान भवन से 'ईएलसी 2.0' की राष्ट्रव्यापी शुरुआत, युवाओं से सीधा जुड़ाव
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पटना स्थित ज्ञान भवन के भव्य सभागार से देश भर के लिए 'निर्वाचन साक्षरता क्लब' (ELC 2.0) और 'ECINET' प्लेटफॉर्म के नए चरण की आधिकारिक शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी अभियान का मकसद देश भर के युवाओं और नए वोटरों को डिजिटल तकनीकों व रचनात्मक तरीकों से वोटिंग के महत्व के प्रति जागरूक करना है। योजना के तहत आने वाले छह महीनों के भीतर देशभर के लाखों स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऐसे क्लब तैयार किए जाएंगे। इस पूरी मुहिम को क्लासरूम स्तर पर असरदार बनाने के लिए प्रत्येक कक्षा से दो 'ईएलसी मॉनीटर' (ELC Monitor) का चयन किया जाएगा, जो सीधे चुनाव आयोग के डिजिटल नेटवर्क से जुड़कर युवा साथियों की चुनावी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
नालंदा में बीएलओ से सीधी बातचीत, आसान बनेगी मतदाता सूची की प्रक्रिया
चुनाव प्रणाली की सबसे बुनियादी और मजबूत कड़ी यानी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की समस्याओं को समझने और उन्हें सशक्त करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त नालंदा विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज सभागार में एक खास संवाद सत्र में शामिल होंगे। इस विशेष बैठक में करीब 500 बीएलओ सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सामने वोटर लिस्ट को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नाम हटाने के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को साझा करेंगे। चुनाव आयोग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक की मदद से बीएलओ के काम को आसान बनाना है, जिससे आम जनता को वोटर आईडी कार्ड बनवाने से लेकर मतदान के दिन तक किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
वैशाली से सीतामढ़ी तक लोकतांत्रिक तैयारियों का जायजा
अपने इस दौरे के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतिनिधिमंडल बिहार के चार प्रमुख जिलों सीतामढ़ी, मधुबनी, वैशाली और नालंदा का विस्तृत दौरा कर रहा है। 'लोकतंत्र की जननी' के नाम से विख्यात वैशाली सहित इन ऐतिहासिक जिलों में वे स्थानीय जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे। पटना आगमन पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बिहार के मतदाताओं के लोकतांत्रिक उत्साह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य में चलाया गया मतदाता सूची शुद्धीकरण अभियान (SIR) पूरे देश में सबसे ज्यादा कामयाब रहा है, जिसने फर्जी व दोहरे नामों को हटाकर पूरी चुनाव प्रक्रिया को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाया है।
