
Source: Abp News
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी और निर्दलीय प्रत्याशी प्रिया किन्नर समेत कुल 10 उम्मीदवारों का नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिया गया। इस फैसले के बाद बांकीपुर का चुनावी मुकाबला नया मोड़ लेता दिख रहा है।
मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारियों ने कई उम्मीदवारों के दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच में पाया गया कि कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों में जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया था। इसी वजह से वीणा मानवी समेत 10 उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, गैर-मान्यता प्राप्त दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर होना जरूरी होता है। वीणा मानवी के नामांकन पत्र में केवल नौ प्रस्तावकों के हस्ताक्षर मिले, जिसके कारण उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
तेज प्रताप यादव की पार्टी को बड़ा झटका
वीणा मानवी ने पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके चुनाव मैदान से बाहर होने को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
नामांकन रद्द होने के बाद तेज प्रताप यादव ने इसे साजिश बताया और कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है। हालांकि, उन्होंने मीडिया के सामने ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा।
नामांकन के बाद हुई थी गिरफ्तारी
वीणा मानवी का नामांकन पहले से ही विवादों में रहा है। सोमवार को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पटना पुलिस ने उन्हें एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद समाहरणालय परिसर में काफी हंगामा भी हुआ था। बाद में अदालत से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।
प्रिया किन्नर समेत कई उम्मीदवार चुनावी दौड़ से बाहर
वीणा मानवी के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी प्रिया किन्नर और आठ अन्य उम्मीदवारों का नामांकन भी खारिज कर दिया गया है। एक साथ इतने उम्मीदवारों के पर्चे रद्द होने से बांकीपुर सीट का चुनावी गणित बदल गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर चुनाव प्रचार और विभिन्न दलों की रणनीति पर पड़ सकता है। विपक्षी पार्टियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बांकीपुर सीट पहले से ही राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और प्रशांत किशोर की पार्टी समेत कई दल यहां अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी भी तेज हो गई है।
