रेहान फ़ज़ल
बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली और चर्चित नेताओं में शुमार रहीं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने की है।
BNP के आधिकारिक बयान के अनुसार, खालिदा जिया का इंतकाल फज्र की नमाज के तुरंत बाद सुबह करीब छह बजे हुआ। वह लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं और बीते कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी सेहत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने दो बार देश की बागडोर संभाली। वह पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की पत्नी थीं और BNP की स्थापना के बाद पार्टी को देश की प्रमुख राजनीतिक ताकतों में शामिल किया। उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, सत्ता और विपक्ष—तीनों दौरों का साक्षी रहा।
उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीति में गहरा शून्य पैदा हो गया है। देशभर में समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।
खालिदा जिया को बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक मजबूत, जुझारू और निर्णायक नेतृत्व के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
