गाजीपुर जिले की चर्चित मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट को लेकर समाजवादी पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी आगामी चुनाव में बड़ा फैसला लेते हुए मौजूदा विधायक मन्नू अंसारी की जगह पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की बेटी नूरिया अंसारी को मैदान में उतार सकती है। इस संभावित बदलाव की चर्चा ने क्षेत्रीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि यह कदम पार्टी के कोर वोट बैंक और यदुवंशी मतदाताओं की नाराजगी को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में लंबे समय से असंतोष की चर्चा चल रही है। स्थानीय स्तर पर विरोध और नाराजगी की खबरें भी सामने आती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी एक बार फिर मन्नू अंसारी पर दांव लगाती है, तो चुनावी समीकरण चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
परिवारिक विवाद बना राजनीतिक मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ विधायक मन्नू अंसारी के सगे भाई सलमान अंसारी के बयान को माना जा रहा है। सलमान अंसारी ने सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए अपने ही भाई पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें “भ्रष्टाचारी” तक बताया। इसके बाद परिवारिक विवाद अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है, जिससे समाजवादी पार्टी की रणनीति पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
नूरिया अंसारी बन सकती हैं नया चेहरा

नूरिया अंसारी को युवा और महिला वोट बैंक के बीच एक संभावित मजबूत चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दिल्ली की Jamia Millia Islamia से मनोविज्ञान में एमए किया है। इसके अलावा उन्होंने साइकोलॉजिकल काउंसलिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है और चाइल्ड काउंसलर के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या नूरिया अंसारी मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर मन्नू अंसारी से अधिक प्रभावशाली साबित हो सकती हैं, या फिर समाजवादी पार्टी अंसारी परिवार से इतर किसी नए यदुवंशी चेहरे पर दांव लगाने का फैसला करेगी। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज है
