मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास के एक बयान ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने दिल्ली पुलिस को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि वह सुधर जाए, वरना उन्हें सुधार दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत का मुद्दा भी सुर्खियों में आ गया।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सौरव दास ने क्या कहा?
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर बर्बरता की है। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की। सुधर जाएं, वरना हम सुधार देंगे।” दास की यह टिप्पणी उस समय सामने आई, जब जंतर-मंतर और उसके आसपास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था।
जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे
दिल्ली में आम आदमी पार्टी, वामदलों, एनएसयूआई और आइसा से जुड़े कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न छात्र संगठनों के लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में गड़बड़ियां हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का दावा
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास से विपक्षी दलों के नेताओं तथा छात्र संगठनों से जुड़े करीब 600 लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, बाद में हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर आगे नहीं बढ़ने की हिदायत दी थी, क्योंकि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी।
कई बड़े नेताओं को भी लिया गया हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और संजीव झा के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव सहित कई अन्य नेता शामिल बताए गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
मुंबई में CJP का प्रदर्शन, अभिजीत दीपके ने भी साधा निशाना
उधर, महाराष्ट्र के मुंबई में CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिवाजी पार्क में जुटे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि प्रदर्शनकारियों को जेल भेजकर दिखाया जाए।
केंद्र सरकार पर भी अभिजीत दीपके का हमला
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के कारण लगातार विरोध प्रदर्शन करने की स्थिति बन रही है। उन्होंने इससे पहले हुए नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के विरोध का भी उल्लेख किया।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के नारे पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के नारे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’ की दिशा में बढ़ना चाहती है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कुछ राज्यों में भाजपा की जीत को इससे जोड़कर दावा किया।
CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी। CJP नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
गांधी जयंती पर छात्र संगठनों ने भी बुलाया था प्रदर्शन
दिल्ली में छात्र संगठनों के गठबंधन ने गांधी जयंती के अवसर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप था कि विशेष गहन पुनरीक्षण का काम सही तरीके से नहीं किया गया और इसके चलते बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए।
मुंबई में भी गांधी जयंती के मौके पर प्रदर्शन
CJP ने भी गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई में प्रदर्शन का आयोजन किया। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को प्रमुख मांग बनाया गया। प्रदर्शन के दौरान CJP नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
आतिशी ने हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर क्या कहा?
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शनकारियों के हिरासत में लिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फतेहपुर बेरी थाने में भी क्रांतिकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। आतिशी ने लोकतंत्र की लड़ाई जारी रखने की बात कही और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अनुमति को लेकर भी विवाद सामने आया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और उन्हें निर्धारित दिशा में जाने की हिदायत दी। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।
सौरव दास की टिप्पणी ने बदल दिया प्रदर्शन का फोकस
पूरे घटनाक्रम के बीच सौरव दास का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए उनकी “सुधर जाएं, वरना हम सुधार देंगे” वाली टिप्पणी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर CJP के रुख को सामने रखा। इससे दिल्ली के प्रदर्शन से जुड़ा विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया।
दिल्ली से मुंबई तक एक ही मुद्दे पर सियासी विरोध
दिल्ली और मुंबई में हुए इन प्रदर्शनों का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा। दिल्ली में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने एसआईआर तथा मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को मुद्दा बनाया, जबकि मुंबई में CJP ने इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
अब आगे किस दिशा में बढ़ेगा विवाद?
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब दिल्ली और मुंबई दोनों जगह राजनीतिक टकराव का विषय बन गया है। एक तरफ प्रदर्शनकारी एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों के आधार पर कार्रवाई की। इसी बीच सौरव दास की टिप्पणी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
