पटना। बिहार सरकार ने राज्य के विकास, न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की शुरुआत, मेडिकल कॉलेजों के संचालन से जुड़े निर्णय, जलापूर्ति योजनाएं, नए विशेष न्यायालय, केंद्रीय विद्यालय और हर घर तिरंगा अभियान सहित कई बड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
19 जिलों में खुलेंगे एससी-एसटी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट
कैबिनेट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए राज्य के 19 जिलों में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की मंजूरी दी है। इन अदालतों के संचालन के लिए 171 न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
ये विशेष अदालतें बेतिया, मधुबनी, आरा, सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, भभुआ, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय में स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य इन मामलों की सुनवाई को तेज करना और पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।
पूर्णिया, भागलपुर और गया में बनेंगे एनडीपीएस स्पेशल कोर्ट
राज्य सरकार ने मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन विशेष न्यायालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। ये अदालतें पूर्णिया, भागलपुर और गया में बनाई जाएंगी।
इन विशेष अदालतों के लिए 27 न्यायिक पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, ताकि एनडीपीएस मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
राजगीर में बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
खेल क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजगीर खेल अकादमी में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल प्रदर्शन विश्लेषण तथा आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कैबिनेट ने इस परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी चयन की अनुमति देते हुए 25 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है।
ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण
बैठक में ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत सर्वेक्षित पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और उनके मेटाडेटा निर्माण की योजना को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर 6.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल रूप में संरक्षित करना है।
मुंगेर और जमालपुर को मिली नई जलापूर्ति योजनाएं
शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने मुंगेर और जमालपुर में नई जलापूर्ति परियोजनाओं को स्वीकृति दी है।
मुंगेर जलापूर्ति योजना पर 177 करोड़ रुपये और जमालपुर जलापूर्ति योजना पर 102 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से दोनों शहरों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नवादा के रजौली में बनेगा BISF सेंटर
कैबिनेट ने नवादा जिले के रजौली में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) का नया सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके लिए 43.98 एकड़ भूमि गृह विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस फैसले से औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
बाल संरक्षण गृहों की सुरक्षा के लिए तैनात होंगे 330 होमगार्ड
समाज कल्याण निदेशालय के अधीन संचालित 23 बालक पर्यवेक्षण गृह, एक बालिका गृह, एक विशेष गृह तथा 9 सुरक्षित स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 330 होमगार्ड की तैनाती की जाएगी।
इस व्यवस्था पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष 14.53 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कैबिनेट ने इस वित्तीय स्वीकृति को भी मंजूरी प्रदान की है।
16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का संचालन होगा पीपीपी मॉडल पर
बिहार सरकार ने राज्य के 16 मौजूदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल हैं, के संचालन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस व्यवस्था के लिए 8.27 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली में संशोधन तथा पटना स्थित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में दो नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है।
पीपराकोठी में खुलेगा केंद्रीय विद्यालय
पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है। राज्य सरकार इस विद्यालय के लिए 30 वर्षों की अवधि के लिए भूमि लीज पर उपलब्ध कराएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
हर घर तिरंगा अभियान के लिए 6.12 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने हर घर तिरंगा अभियान-2026 के आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये के बजट को भी स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति जनभागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
