नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने जंतर मंतर से जुड़े छात्र आंदोलन और सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक छात्रा के माफी वीडियो को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी, उनके खिलाफ बाद में कार्रवाई हुई और अब नाबालिग बेटियों से माफी मंगवाई जा रही है। डिंपल यादव ने इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना की।
'14-15 साल की बेटियों से माफी क्यों मंगवाई जा रही है'
संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि छात्र आंदोलन उस आश्वासन के साथ समाप्त हुआ था कि किसी भी बच्चे या बेटी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की जाएगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा आश्वासन दिया गया था, तो बाद में एफआईआर क्यों दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे से पीछे हट गई और छात्रों के साथ धोखा किया।
डिंपल यादव ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद बच्चों को राहत मिली थी, लेकिन इसके बावजूद 14-15 वर्ष की बेटियों से माफी मंगवाई जा रही है।
आरएसएस और भाजपा पर लगाया विचारधारा थोपने का आरोप
सपा सांसद ने कहा कि आरएसएस सभी लोगों को अपनी विचारधारा के अनुसार चलाना चाहता है और यह उसकी छोटी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पूरे देश पर थोपी जा रही है तथा युवा पीढ़ी ने इसका विरोध किया है। उनके अनुसार इसी कारण छात्रों, विशेषकर युवाओं और छात्राओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।
छात्राओं और उनके परिवारों पर दबाव का आरोप
डिंपल यादव ने दावा किया कि नाबालिग छात्राओं और उनके परिवारों पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन महिलाओं को अपनी विचारधारा के अनुरूप चलाना चाहते हैं।
सरकार पर जनता के भरोसे को लेकर भी उठाए सवाल
डिंपल यादव ने कहा कि जनता भाजपा सरकार से निराश और नाराज है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में चंदा और जमीन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार हुआ है और इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
चंदे को लेकर सरकार से मांगा जवाब
सपा सांसद ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा प्रभु श्रीराम के चरणों में दिए गए गुप्तदान, चढ़ावे और चंदे का उपयोग किस प्रकार किया गया, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यह धन आखिर कहां गया और इसका इस्तेमाल किन संगठनों के संचालन में किया जा रहा है। उन्होंने इन मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
जंतर मंतर आंदोलन से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा विवाद जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान सामने आए कुछ वीडियो और बयानों के बाद शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान कुछ छात्र-छात्राओं की टिप्पणियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुई थीं। इसके बाद संबंधित मामलों को लेकर कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
इसी क्रम में नोएडा की एक छात्रा के माफी वीडियो को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
छात्र आंदोलन, वायरल वीडियो और उससे जुड़े मामलों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी कड़ी में डिंपल यादव ने सरकार की कार्रवाई और छात्राओं से जुड़े मामलों पर सवाल उठाते हुए भाजपा और आरएसएस की आलोचना की है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।
