आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नियमित रूप से जिम जाना या रोजाना एक्सरसाइज करना हर किसी के लिए आसान नहीं है। काम, पढ़ाई, परिवार और अन्य जिम्मेदारियों के बीच कई लोग फिट रहने की इच्छा के बावजूद व्यायाम के लिए समय नहीं निकाल पाते। ऐसे लोगों के लिए एक नई रिसर्च राहत भरी खबर लेकर आई है। हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि यदि सही तरीके से एक्सरसाइज की जाए, तो हफ्ते में सिर्फ एक दिन वर्कआउट करके भी वजन और शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम किया जा सकता है।

हांगकांग यूनिवर्सिटी ने की रिसर्च

यह अध्ययन हांगकांग यूनिवर्सिटी के एलकेएस फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। रिसर्च का उद्देश्य यह जानना था कि क्या हफ्ते में एक बार की जाने वाली इंटरवल ट्रेनिंग, हफ्ते में तीन बार की जाने वाली इंटरवल ट्रेनिंग जितनी प्रभावी हो सकती है।

मोटापा बन रहा है बड़ी स्वास्थ्य चुनौती

दुनियाभर में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। शरीर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने से हृदय रोग, मेटाबॉलिक बीमारियों और समय से पहले मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा जाता है।

क्या होती है इंटरवल ट्रेनिंग?

इंटरवल ट्रेनिंग एक ऐसी एक्सरसाइज तकनीक है, जिसमें कुछ समय तक तेज गति वाली गतिविधि की जाती है और उसके बाद कम तीव्रता वाली रिकवरी एक्सरसाइज की जाती है। पहले के कई अध्ययनों में भी इसे वजन और पेट की चर्बी कम करने के लिए प्रभावी माना गया है।

315 लोगों पर किया गया अध्ययन

इस सवाल का जवाब खोजने के लिए शोधकर्ताओं ने सितंबर 2021 से सितंबर 2024 के बीच 315 अधिक वजन वाले लोगों पर अध्ययन किया। सभी प्रतिभागियों के पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी मौजूद थी।


तीन समूहों में बांटे गए प्रतिभागी

रिसर्च में शामिल लोगों को तीन अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया।

पहला समूह हफ्ते में सिर्फ एक बार इंटरवल ट्रेनिंग करता था।

दूसरा समूह हफ्ते में तीन बार इंटरवल ट्रेनिंग करता था।

तीसरे समूह को कंट्रोल ग्रुप के रूप में रखा गया, जिसे चार महीनों तक हर दो सप्ताह में विशेषज्ञों द्वारा शिक्षा सत्र में शामिल किया गया।

कुल 75 मिनट की एक्सरसाइज

इंटरवल ट्रेनिंग करने वाले दोनों समूहों ने सप्ताहभर में कुल 75 मिनट एक्सरसाइज की। अंतर केवल इतना था कि पहले समूह ने पूरे 75 मिनट का वर्कआउट एक ही दिन में किया, जबकि दूसरे समूह ने इसे तीन अलग-अलग दिनों में बांट लिया।

क्या रहे नतीजे?

शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के फैट मास, शरीर में फैट प्रतिशत और कमर की माप का मूल्यांकन अध्ययन शुरू होने से पहले, 16 सप्ताह बाद और 32 सप्ताह बाद किया।

रिजल्ट में सामने आया कि 16 सप्ताह के बाद हफ्ते में एक बार एक्सरसाइज करने वाले और हफ्ते में तीन बार एक्सरसाइज करने वाले दोनों समूहों में शरीर की चर्बी, फैट प्रतिशत और कमर के आकार में लगभग समान कमी दर्ज की गई। इसके अलावा दोनों समूहों की कार्डियो-रेस्पिरेटरी फिटनेस में भी सुधार देखा गया।

समय की कमी वालों के लिए राहत

शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन लोगों के पास रोजाना व्यायाम के लिए समय नहीं है, उनके लिए यह निष्कर्ष काफी उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी नई फिटनेस योजना को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।