बिहार की राजधानी पटना में खान सर की कोचिंग पर हुए हमले का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। 2 जून की रात हुई इस घटना को लेकर पहले दावा किया गया था कि कोचिंग परिसर के बाहर गोलीबारी हुई थी, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को इसके कोई ठोस सबूत नहीं मिले थे। अब एक नया वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो के वायरल होने के बाद फायरिंग, हमले और दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहे विवाद को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

सामने आए वीडियो में दो युवक हवा में तीन राउंड फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक टूटा हुआ बोर्ड भी नजर आ रहा है, जिसे हंगामे वाली रात उपद्रवियों द्वारा गिराए जाने की बात कही गई थी। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी रात का है जब खान सर की कोचिंग के बाहर बवाल हुआ था। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का दावा है कि फायरिंग करने वालों में से एक शख्स खान सर का बॉडीगार्ड हो सकता है। हालांकि इस संबंध में पुलिस या किसी जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पहले क्या कहा था पुलिस और खान सर ने?

घटना के तुरंत बाद खान सर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि उनकी कोचिंग पर हमला करने आए लोगों ने गोलीबारी की है। हालांकि बाद में पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद कहा कि गोली चलने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस के इस बयान के बाद खान सर भी अपने पहले दावे से पीछे हट गए थे। लेकिन अब नए वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस एक बार फिर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

वायरल वीडियो के बाद दो बॉडीगार्ड गिरफ्तार

मामले में नया मोड़ तब आया जब वायरल वीडियो की जांच के दौरान पुलिस ने खान सर की कोचिंग से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों (बॉडीगार्ड) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग वही हैं या नहीं और फायरिंग की घटना का उनसे कोई संबंध है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।

जांच एजेंसियों की नजर में क्या है मामला?

पटना पुलिस का मानना है कि यह विवाद केवल एक हमले का मामला नहीं, बल्कि शहर की दो प्रमुख कोचिंग संस्थाओं के बीच लंबे समय से चली आ रही प्रतिस्पर्धा और तनाव से भी जुड़ा हो सकता है। जांच अधिकारी वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और फायरिंग के समय तथा स्थान की पुष्टि करने में जुटे हैं। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

रौशन आनंद समेत तीन लोग गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहे विवाद के कारण ही हिंसा और हंगामे की स्थिति बनी। फिलहाल मुख्य आरोपी रौशन आनंद न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। हंगामे के दौरान खान सर की कोचिंग में तैनात एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में चोट आई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से ही यह मामला पटना के शिक्षा जगत और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

गिरफ्तारी के बाद क्या बोले रौशन आनंद?

जेल भेजे जाने से पहले रौशन आनंद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि उनकी कोचिंग के छात्रों ने हाल ही में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। रौशन आनंद ने यह भी बताया कि वह किडनी के मरीज हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच पर

नए वीडियो के सामने आने और दो सुरक्षा गार्डों की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि फायरिंग करने वाले लोग कौन थे और क्या उनका संबंध 2 जून की घटना से है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वीडियो में दिख रही गोलीबारी उसी रात की है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।