राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' इन दिनों विवादों में घिरी हुई 0है। फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कई लोगों का आरोप है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार को जिस तरह दिखाया गया है, वह महिलाओं के प्रति गलत नजरिया पेश करता है। इस विवाद के बीच अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।


महिलाओं के चित्रण पर बोलीं कंगना

अपनी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन के दौरान मीडिया से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कई हिस्सों में देखने को मिलता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हिंदी सिनेमा में कई बार महिलाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

कंगना ने कहा कि महिलाओं को लेकर फिल्मों का नजरिया कई बार कठोर और अनुचित रहा है। उन्होंने पुराने आइटम सॉन्ग्स का उदाहरण देते हुए कहा कि मनोरंजन के नाम पर कई बार महिलाओं के साथ अन्याय किया गया है।


'सेंशुअल और अश्लीलता में फर्क समझना होगा'

कंगना का मानना है कि किसी किरदार को आकर्षक या संवेदनशील तरीके से दिखाना और उसे अश्लील बनाना, दोनों अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों और फिल्ममेकर्स दोनों को इस फर्क को समझने की जरूरत है।


सोशल मीडिया ट्रायल पर भी जताई चिंता

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग संस्कृति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार लोग पूरी कहानी या संदर्भ समझे बिना किसी एक सीन को देखकर अपनी राय बना लेते हैं। ऐसे में किसी फिल्म या किरदार का आकलन संतुलित तरीके से किया जाना चाहिए।


क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, 'पेद्दी' के एक गाने और कुछ रोमांटिक दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। कुछ दर्शकों का कहना है कि जाह्नवी कपूर के किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमराइज और ऑब्जेक्टिफाई किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक बुची बाबू सना पहले ही माफी मांग चुके हैं और कुछ दृश्यों में बदलाव करने की बात भी कह चुके हैं।


जल्द रिलीज होगी कंगना की फिल्म

वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। यह फिल्म 26/11 मुंबई हमलों के दौरान आम लोगों और मेडिकल स्टाफ की बहादुरी की कहानी को पर्दे पर दिखाती है।