erere | Source: erereनई दिल्ली: आलू भारतीय रसोई की सबसे आम और पसंदीदा सब्जियों में शामिल है। आलू की मदद से सब्जी से लेकर पराठे, फ्रेंच फ्राइज, टिक्की और कई तरह के स्नैक्स तैयार किए जाते हैं। बाजार में आलू की कई किस्में देखने को मिलती हैं, जिनमें सफेद और पीले आलू भी काफी आम हैं। अक्सर लोग दोनों को देखकर सोचते हैं कि इनके बीच कोई खास अंतर नहीं है, लेकिन रंग के साथ-साथ इनकी बनावट, स्वाद और खाना पकाने के दौरान व्यवहार में भी अंतर हो सकता है।

सफेद और पीले आलू में आखिर क्या अंतर है?

सफेद आलू का गूदा आमतौर पर हल्के सफेद या क्रीमी रंग का होता है, जबकि पीले आलू का अंदरूनी हिस्सा हल्के पीले या सुनहरे रंग का दिखाई देता है। दोनों आलू कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन उनकी बनावट और स्वाद में थोड़ा अंतर होने के कारण कुछ खास पकवानों के लिए एक किस्म दूसरी से बेहतर मानी जा सकती है।

आलू का चुनाव केवल उसके रंग के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। किस डिश के लिए आलू इस्तेमाल किया जा रहा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सफेद आलू की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

सफेद आलू का स्वाद आमतौर पर हल्का और बनावट अपेक्षाकृत नरम होती है। इसे उबालने, मैश करने और कई सामान्य घरेलू व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका हल्का स्वाद मसालों और अन्य सामग्री के साथ आसानी से मिल जाता है।

उबले हुए सफेद आलू को मैश करके पराठे, टिक्की या अन्य व्यंजन तैयार करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी बनावट ऐसी डिश के लिए उपयोगी हो सकती है, जिसमें आलू को अच्छी तरह नरम करना जरूरी होता है।

पीला आलू क्यों माना जाता है खास?

पीले आलू का रंग अंदर से हल्का पीला या सुनहरा होता है और इसमें आमतौर पर थोड़ा अधिक क्रीमी टेक्सचर महसूस हो सकता है। पकाने के बाद इसकी बनावट कई व्यंजनों में अच्छी रहती है और इसका स्वाद भी थोड़ा अधिक समृद्ध महसूस हो सकता है।

पीले आलू का इस्तेमाल रोस्टेड आलू, बेक्ड डिश और ऐसे व्यंजनों में किया जा सकता है, जहां आलू की बनावट और स्वाद दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, अलग-अलग किस्मों में गुणों का अंतर हो सकता है, इसलिए केवल रंग देखकर हर आलू के बारे में एक जैसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।

फ्रेंच फ्राइज बनाने के लिए कौन सा आलू बेहतर?

फ्रेंच फ्राइज के लिए ऐसे आलू अधिक उपयुक्त माने जाते हैं जिनमें स्टार्च की मात्रा अच्छी हो और पानी अपेक्षाकृत कम हो। इससे बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम फ्राइज तैयार करने में मदद मिल सकती है।

इसलिए फ्राइज के लिए केवल सफेद या पीला रंग देखकर आलू चुनने के बजाय उसकी किस्म और स्टार्च की विशेषताओं पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है। सही किस्म का आलू फ्राइज को बेहतर बनावट दे सकता है।

सब्जी और करी के लिए किसे चुनें?

आलू की सामान्य सब्जी और करी में सफेद तथा पीले दोनों आलू इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यदि आप ऐसी सब्जी बना रहे हैं जिसमें आलू को मसाले के साथ अच्छी तरह पकाना है, तो दोनों किस्में काम आ सकती हैं।

हालांकि, आलू की अलग-अलग किस्मों की पकने की गति और बनावट अलग हो सकती है। इसलिए खरीदते समय केवल रंग के बजाय आलू की ताजगी और उपयोग के अनुसार सही किस्म चुनना बेहतर रहेगा।

पराठे और मैश्ड आलू के लिए कौन सा सही?

आलू के पराठे, टिक्की या मैश्ड पोटैटो जैसी डिश के लिए ऐसा आलू बेहतर रहता है जो उबलने के बाद आसानी से मैश हो जाए। सफेद आलू की नरम बनावट इस तरह के व्यंजनों में उपयोगी हो सकती है।

हालांकि, पीले आलू का क्रीमी टेक्सचर भी मैश किए हुए व्यंजनों को अच्छी बनावट दे सकता है। इसलिए यहां भी पसंद और उपलब्ध किस्म के अनुसार चुनाव किया जा सकता है।

क्या पीला आलू ज्यादा पौष्टिक होता है?

सिर्फ रंग देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि पीला आलू हमेशा सफेद आलू से ज्यादा पौष्टिक होता है। आलू का पोषण उसकी किस्म, आकार, पकाने के तरीके और उसे किस रूप में खाया जा रहा है, इन सभी बातों पर निर्भर कर सकता है।

आलू में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट मिलता है और इसमें कुछ मात्रा में फाइबर, पोटैशियम तथा अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। संतुलित भोजन का हिस्सा बनाकर आलू का सेवन किया जा सकता है।

सेहत के लिए असली फर्क पकाने के तरीके से भी पड़ता है

आलू की किस्म के साथ उसे पकाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। उबले या कम तेल में पकाए गए आलू और बहुत अधिक तेल में तले हुए आलू से मिलने वाली कुल कैलोरी अलग हो सकती है।

यदि आलू को बहुत अधिक तेल, मक्खन या नमक के साथ तैयार किया जाए, तो पूरी डिश की पोषण संरचना बदल सकती है। इसलिए केवल सफेद और पीले आलू की तुलना करने के बजाय खाना पकाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए।

आलू खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

आलू खरीदते समय उसका रंग ही नहीं, बल्कि उसकी ताजगी और गुणवत्ता भी देखनी चाहिए। बहुत ज्यादा हरे, अंकुरित या सड़े हुए आलू से बचना बेहतर होता है। आलू को ठीक तरह से संग्रहित करना भी जरूरी है।

किस व्यंजन के लिए आलू खरीद रहे हैं, यह पहले तय करने से सही किस्म चुनना आसान हो जाता है। फ्राइज के लिए अलग गुणों वाला आलू उपयोगी हो सकता है, जबकि मैश, पराठे या सामान्य सब्जी के लिए दूसरी किस्म बेहतर परिणाम दे सकती है।

तो सफेद या पीला, आखिर कौन सा आलू है बेस्ट?

सफेद और पीले आलू में किसी एक को हर तरह की डिश के लिए सबसे अच्छा कहना सही नहीं होगा। दोनों की अपनी विशेषताएं हैं और चुनाव मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का व्यंजन बनाना चाहते हैं।

सामान्य सब्जी, पराठे और मैश किए हुए व्यंजनों में नरम और आसानी से मैश होने वाली किस्म उपयोगी हो सकती है, जबकि रोस्ट या बेक जैसी डिश में क्रीमी बनावट वाला आलू अच्छा विकल्प हो सकता है। फ्रेंच फ्राइज के लिए स्टार्च और नमी की विशेषताओं वाली उपयुक्त किस्म चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण है।