भारतीय थाली में कढ़ी चावल का कॉम्बो हमेशा सुपरहिट रहा है। लेकिन रोज-रोज बेसन की कढ़ी खाकर मन भर गया है? तो इस बार किचन में थोड़ा एक्सपेरिमेंट कीजिए। पीली मूंग दाल और खट्टे दही से बनने वाली यह कढ़ी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत का खजाना भी है। हल्की, सुपाच्य और प्रोटीन से भरपूर गर्मियों के लिए इससे बेस्ट लंच ऑप्शन कोई नहीं।
गरमा-गरम चावल पर देसी घी का तड़का लगी मूंग दाल कढ़ी डालिए, और फिर देखिए कमाल। दही का हल्का खट्टापन, करी पत्ते-हींग की खुशबू और ऊपर से हरे धनिया की ताजगी... एक कौर खाते ही कह उठेंगे - वाह!
सामग्री जो चाहिए:
- मुख्य सामग्री: 1 कप पीली मूंग दाल 2 घंटे भिगोई हुई, 1.5 कप खट्टा दही, 2 चम्मच बेसन
- मसाले: 1/2 चम्मच हल्दी, 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, नमक स्वादानुसार
- तड़के के लिए: 2 चम्मच घी/तेल, 1 चम्मच राई, 1 चम्मच जीरा, चुटकीभर हींग, 2 सूखी लाल मिर्च, 8-10 करी पत्ता, 1 इंच अदरक कद्दूकस, 2 हरी मिर्च कटी
- गार्निश: हरा धनिया बारीक कटा
बनाने का देसी तरीका:
1. बेस तैयार करें: भीगी मूंग दाल को थोड़े पानी के साथ बारीक पीस लें। दही को अच्छे से फेंट लें। एक बड़े बर्तन में दही, दाल का पेस्ट, बेसन और 4-5 कप पानी मिलाकर लम्प-फ्री घोल बना लें।
2. कढ़ी पकाएं: कड़ाही में घोल डालें और मीडियम आंच पर लगातार चलाते हुए पहले उबाल आने दें। वरना दही फट जाएगा। उबाल आने पर हल्दी-नमक डालें। अब आंच धीमी करके 20-25 मिनट पकाएं जब तक कढ़ी गाढ़ी और दाल पूरी तरह गल न जाए।
3. तड़के का जादू: छोटे पैन में घी गर्म करें। राई-जीरा चटकाएं, फिर हींग, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता, अदरक, हरी मिर्च डालें। गैस बंद करके लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत तड़का कढ़ी पर उड़ेल दें। 5 मिनट ढककर रखें ताकि फ्लेवर सेट हो जाए।
क्यों है ये कढ़ी स्पेशल?
- डबल फायदा: मूंग दाल = प्लांट बेस्ड प्रोटीन + फाइबर। दही = प्रोबायोटिक्स + पेट को ठंडक। गर्मियों में लू से बचाए और एनर्जी भी दे।
- वेट लॉस फ्रेंडली: बेसन कढ़ी के मुकाबले हल्की। लंबे समय तक पेट भरा रखती है, क्रेविंग कम करती है।
- बच्चों के लिए बेस्ट: आसानी से पचती है और प्रोटीन की कमी पूरी करती है। तीखा कम रखकर बच्चों को भी दें।
- कढ़ी को और क्रीमी बनाने के लिए घोल में 1 चम्मच मलाई फेंटकर मिला दें। जीरा राइस या सादे चावल के साथ सर्व करें।
तो इस वीकेंड लंच में बेसन को रेस्ट दीजिए और मूंग दाल कढ़ी का टेस्टी ट्विस्ट ट्राई कीजिए। यकीन मानिए, एक बार खाकर फैमिली डिमांड पर बार-बार बनानी पड़ेगी।
