पटना में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव Dipankar Bhattacharya ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अब “बुलडोजर राज” चल रहा है और सरकार गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों, मजदूरों और छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, पहले बिहार में विकास और सामाजिक न्याय की राजनीति की बात होती थी, लेकिन अब माहौल बदल गया है।


पटना के आईएमए हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुराने मॉडल को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब लोगों की समस्याओं को सुनने के बजाय डर और दबाव की राजनीति कर रही है। इस दौरान पार्टी के राज्य सचिव कुणाल और अन्य नेता भी मौजूद रहे।


दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज बुलडोजर सिर्फ एक मशीन नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा शासन की पहचान बन चुका है। उनके मुताबिक, बुलडोजर की कार्रवाई बड़े अपराधियों पर कम और गरीबों, झुग्गी में रहने वालों, फुटपाथ दुकानदारों और कमजोर वर्ग के लोगों पर ज्यादा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार गरीबों के घर और रोज़गार पर कार्रवाई करके अपनी ताकत दिखाना चाहती है।


उन्होंने हाल के दिनों में बिहार पुलिस द्वारा किए गए “हाफ एनकाउंटर” मामलों पर भी सवाल उठाए। दीपांकर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को गोली मारी गई, लेकिन इन मामलों की कोई साफ और निष्पक्ष जांच नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की भाषा और रवैया दोनों डर पैदा करने वाले हैं। उनके अनुसार, कानून का पालन करते हुए कार्रवाई होनी चाहिए, न कि लोगों में भय पैदा करके।


भाकपा माले नेता ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक होना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण भी हो सकता है। उनका कहना था कि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और युवाओं का भरोसा टूटता है।


इससे पहले समस्तीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी दीपांकर भट्टाचार्य ने सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि देश में बुलडोजर अब राजनीतिक दबाव और दमन का प्रतीक बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकार का काम लोगों को सुरक्षा और न्याय देना होता है, लेकिन अगर डर का माहौल बनाया जाए तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।


कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वरिष्ठ वाम नेता रामदेव वर्मा को भी याद किया। दीपांकर ने कहा कि रामदेव वर्मा हमेशा गरीबों, दलितों और मजदूरों की आवाज उठाते रहे। उन्होंने दावा किया कि आज भी उनकी सोच और संघर्ष लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को प्रेरणा दे रहे हैं।