दिल्ली दौरे से लौटते ही बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर तीखे हमले किए। तेजस्वी ने केवल कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि आवास आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए “चीफ मिनिस्टर नहीं, चीप मिनिस्टर” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उनके इस बयान को विपक्ष की बढ़ती आक्रामकता और आगामी चुनावी माहौल की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
‘खजाना खाली, अपराधी बेखौफ’- सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार विकास के मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली होने की स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि जनता को विकास और रोजगार के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं। उन्होंने नीट पेपर लीक जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की कमजोरी का प्रमाण है। तेजस्वी के अनुसार अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और आम लोगों में सुरक्षा की भावना कमजोर हुई है। उनका आरोप था कि सरकार की प्राथमिकताएं जनता की समस्याओं से दूर हो चुकी हैं और इसी वजह से बिहार कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है।
महिलाओं की योजनाओं, मंत्रियों के वेतन और आर्थिक हालात पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचना चाहिए था, वे अब भी अधूरी हैं या उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं देता। साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि कई प्रशासनिक स्तरों पर वित्तीय दबाव महसूस किया जा रहा है। तेजस्वी ने मंत्रियों के वेतन भुगतान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जब सरकार अपने तंत्र को सुचारु रूप से नहीं चला पा रही, तब विकास और सुशासन के दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उनका कहना था कि जनता को वास्तविक स्थिति बताने के बजाय सरकार केवल राजनीतिक प्रचार में व्यस्त है।
बंगला और सुरक्षा विवाद के बहाने सरकार को घेरा, बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
राबड़ी देवी आवास, सरकारी बंगले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद पर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्थाओं को अचानक बदलने के पीछे राजनीतिक दुर्भावना दिखाई देती है। तेजस्वी का आरोप था कि विपक्षी नेताओं को सुरक्षा और आवास जैसी सुविधाओं के मुद्दे पर निशाना बनाया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत तंज कसते हुए विवादित टिप्पणी की, जो अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सिर्फ तत्काल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बिहार में तेज हो रही सत्ता और विपक्ष की नई सियासी जंग का संकेत है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर एनडीए और महागठबंधन के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
