लखनऊ में BJP की ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा असल में “विपक्ष में आने की तैयारी” है।दरअसल,भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोकसभा में एक बिल पास न होने के विरोध में यह पदयात्रा निकाली थी, जो मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक गई। इस दौरान योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी इसमें शामिल रहे।


अखिलेश यादव ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि “इतनी गर्मी में पदयात्रा हो रही थी, लेकिन किसी ने काला चश्मा तक नहीं लगाया। ये लोग विपक्ष में आने की प्रैक्टिस कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह पहली ऐसी सरकार है जो सत्ता में रहते हुए ही विपक्ष जैसा व्यवहार कर रही है और अपने ही बनाए कानून के खिलाफ आंदोलन करती दिख रही है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि आने वाले चुनाव में यही समूह बीजेपी को चुनौती देगा। उनके मुताबिक, पहली बार ऐसा हो सकता है जब एक बड़ा सामाजिक समूह मिलकर किसी एक पार्टी के खिलाफ वोट करेगा।


महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन अगर इसे रोका जा रहा है तो इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है। उन्होंने इसे “नीयत की हार” बताया।


अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि चुनाव के समय सत्ता पक्ष किसी भी हद तक जा सकता है।

कुल मिलाकर, इस बयान के बाद लखनऊ की इस पदयात्रा को लेकर राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है, और आने वाले चुनाव से पहले बयानबाज़ी तेज़ होती दिख रही है।