लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे अपने संबोधन में इस मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे और संसद में हुई घटनाओं पर सरकार का रुख स्पष्ट करेंगे।
131वें संविधान संशोधन यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर शुक्रवार को लोकसभा में वोटिंग हुई। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। चूंकि ऐसे बिलों को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए होता है, इसलिए यह बिल पास नहीं हो सका।
बिल के न पारित होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि राजनीतिक कारणों से विपक्ष ने इसे रोक दिया, जिससे देश की महिलाओं का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार महिला आरक्षण से जुड़े बाकी कानूनों पर फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
वोटिंग से पहले ही पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर सांसदों से अपील की थी कि वे अपनी मां-बहन-बेटी का ध्यान रखते हुए” अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें। उन्होंने इसे नारी शक्ति को नए अवसर देने का ऐतिहासिक मौका” बताया था और कहा था कि अगर यह बिल सर्वसम्मति से पास होता है तो देश का लोकतंत्र और सशक्त होता। पीएम मोदी ने यह भी लिखा था कि देश की करोड़ों महिलाएं संसद के फैसले पर नज़र रख रही हैं।
बिल गिरने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उन महिलाओं का अपमान है जो दशकों से अपने अधिकार का इंतज़ार कर रही हैं। उनका कहना है कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए एक अहम सुधार को रोक दिया।
दूसरी ओर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन बिल को परिसीमन (delimitation) से जोड़ने का वे विरोध करते हैं। विपक्ष का तर्क है कि परिसीमन की शर्त जोड़ने से बिल के लागू होने में लंबे समय की देरी हो सकती है।
इन सभी घटनाओं के बीच अब सबकी नज़रें प्रधानमंत्री मोदी के आज रात 8:30 बजे के संबोधन पर हैं। उम्मीद है कि वे महिला आरक्षण बिल पर सरकार का अगला कदम, राजनीतिक विवाद और संसद में आगे की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण बातें कह सकते हैं।
