बिहार में नई सरकार बनने के बाद अब विधान परिषद की खाली सीटों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने दो खाली सीटों पर 12 मई को उपचुनाव कराने का ऐलान किया है। वोटिंग और नतीजे दोनों एक ही दिन घोषित होंगे।


मंगल पांडेय की खाली सीट पर दीपक प्रकाश की राह आसान

बीजेपी नेता मंगल पांडेय के विधानसभा सदस्य बनने के बाद उनकी एमएलसी सीट खाली हो गई थी। अब माना जा रहा है कि यह सीट लगभग तय है दीपक प्रकाश के लिए जो राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं।दीपक प्रकाश पिछली नीतीश सरकार में मंत्री भी बने थे, लेकिन वे न विधायक थे और न एमएलसी। नियम के अनुसार, मंत्री बने रहने के लिए छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना ज़रूरी है। इसलिए यह सीट उनके लिए बेहद अहम है।


दूसरी सीट भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकरण सीट—और भी दिलचस्प है।

RJD ने सोनू कुमार राय को उम्मीदवार बनाया हैJDU ने कन्हैया प्रसाद को टिकट दिया है

दोनों ही उम्मीदवार पूर्व एमएलसी के बेटे हैं, इस वजह से मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।


जून में होगा बड़ा चुनाव 9 सीटें होंगी खाली

इन दो उपचुनावों के बाद भी विधान परिषद में बड़ा बदलाव आने वाला है।जून 2026 में 9 सीटें खाली होंगी, जिनमें

RJD : 2 सीटें

JDU : 3 सीटें

कांग्रेस : 1 सीट

बीजेपी : 1 सीट

शामिल हैं।इसके अलावा 2 सीटें पहले से ही खाली हैं बीजेपी के सम्राट चौधरी और JDU के भगवान सिंह कुशवाहा के विधायक बनने के बाद।


नीतीश कुमार की सीट भी खाली

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने के बाद उनकी एमएलसी सीट भी खाली हो गई है।इसी तरह मंगल पांडेय के विधायक बनने से उनकी सीट भी रिक्त हो गई थी।


आगे क्या?

इन उपचुनावों और जून के बड़े चुनावों से साफ होगा कि बिहार के राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जा रहे हैं।कौन मज़बूत हो रहा है और कौन अपनी ज़मीन नए सिरे से तैयार कर रहा है यह आने वाले महीनों में स्पष्ट हो जाएगा।