अवैध शराब तस्करी को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहे हैं, लेकिन तस्कर भी नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। बाइक और कार के बाद अब तस्करों ने शराब ढोने के लिए घोड़े का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने इस अनोखे ‘घोड़ा मॉडल’ का पर्दाफाश करते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह तरीका खासतौर पर उन इलाकों में अपनाया जा रहा था, जहां सड़क मार्ग सीमित हैं या पुलिस की निगरानी से बचना आसान होता है। तस्कर घोड़े पर शराब की पेटियां बांधकर जंगलों, खेतों और कच्चे रास्तों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे। इस प्रक्रिया में वे मुख्य सड़कों से बचते थे, जिससे चेकिंग के दौरान पकड़े जाने का खतरा कम हो जाता था।

सूत्रों के मुताबिक, इस तस्करी नेटवर्क के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जो लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में असामान्य तरीके से शराब की सप्लाई हो रही है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर निगरानी बढ़ाई गई। कई दिनों की रेकी और जांच के बाद पुलिस ने छापेमारी कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की।

जांच में यह भी सामने आया कि तस्कर रात के समय इस काम को अंजाम देते थे। घोड़े की आवाज कम होने और उसके जरिए दुर्गम रास्तों पर आसानी से पहुंचने के कारण यह तरीका उनके लिए काफी कारगर साबित हो रहा था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के चलते उनका यह जुगाड़ ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सका।

पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल किए जा रहे घोड़े को भी जब्त कर लिया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है, ताकि इसके पीछे जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी कानून से बचने के लिए कितने अनोखे और चौंकाने वाले तरीके अपना सकते हैं। वहीं, पुलिस ने भी साफ किया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।