ere | Source: eeपटना। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने विधायक बनने के बाद रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले परिवारों से पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के सीवी और बायोडाटा अपने कार्यालय में भेजने को कहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले एक-दो साल में 10 हजार परिवारों के बच्चों को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की कोशिश करना है। इस घोषणा के बाद बांकीपुर के बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों की नजर अब प्रशांत किशोर की इस पहल पर टिक गई है।

बांकीपुर में जनसंपर्क अभियान के पहले दिन रोजगार का ऐलान

प्रशांत किशोर ने 11 अगस्त, मंगलवार से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में अपना जनसंपर्क अभियान शुरू किया। विधायक बनने के बाद पहले दिन उन्होंने वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुनने की बात कही। इसी दौरान आयोजित जनसभा में उन्होंने रोजगार को लेकर अपनी योजना सामने रखी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव जीतने के बाद वह कहीं घूमने नहीं गए, बल्कि काम में लग गए हैं।

प्रशांत किशोर ने बेरोजगार युवाओं के परिवारों से कहा कि यदि उनके बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश में बैठे हैं, तो उनका सीवी और बायोडाटा उनके कार्यालय तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि वह अपने संपर्क में मौजूद बड़े लोगों से बातचीत कर इन युवाओं को नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे।

10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का लक्ष्य, सरकारी नौकरी का दावा नहीं

प्रशांत किशोर ने अपनी घोषणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह किसी को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा नहीं कर रहे हैं। उनका प्रयास निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का होगा। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को नौकरी की आवश्यकता है, उन्हें उनके संपर्कों के माध्यम से कार्यालयों और फैक्ट्रियों में निजी रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि निजी नौकरी मिलने से बेरोजगार युवाओं को अपने परिवार का गुजर-बसर करने में सहारा मिल सकेगा। प्रशांत किशोर ने अगले एक-दो वर्षों में 10 हजार परिवारों के बच्चों को नौकरी दिलाने का लक्ष्य बताया। उनके अनुसार बांकीपुर बिहार का ऐसा विधानसभा क्षेत्र होगा, जहां सबसे ज्यादा नौकरियां देने की कोशिश की जाएगी।

अपने पुराने संपर्कों का रोजगार के लिए इस्तेमाल करेंगे पीके

प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जो भी संपर्क बनाए हैं, अब उनका इस्तेमाल बच्चों और युवाओं के रोजगार के लिए करेंगे। उनका कहना है कि बांकीपुर के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में अवसर तलाशने की कोशिश की जाएगी।

इस घोषणा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रशांत किशोर ने युवाओं से सीधे उनके सीवी और बायोडाटा मांगे हैं। यानी रोजगार की इस पहल में युवाओं की शैक्षणिक योग्यता और उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन्हें निजी क्षेत्र में अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सरकारी नौकरी का वादा करने के बजाय निजी रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही है।

बिहार में नहीं, फिलहाल राज्य के बाहर नौकरी दिलाने की बात

प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल युवाओं को बिहार से बाहर निजी नौकरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि अभी बिहार में जन सुराज पार्टी की सरकार नहीं है। इसलिए तत्काल स्तर पर राज्य के बाहर रोजगार के अवसर तलाशे जाएंगे।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जब बिहार में जन सुराज पार्टी की सरकार बनेगी, तब राज्य के बच्चों को रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बिहार में ही रोजगार की व्यवस्था करने की बात कही। इस तरह बांकीपुर के युवाओं के लिए उनकी मौजूदा रोजगार पहल निजी क्षेत्र और बिहार से बाहर उपलब्ध अवसरों पर केंद्रित होगी।

पढ़ाई, रोजगार और पेंशन समेत कई मुद्दों पर किया काम का वादा

रोजगार के साथ-साथ प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए कई अन्य मुद्दों पर भी काम करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को पढ़ाई, रोजगार, 1100 रुपये पेंशन और मुफ्त अनाज निश्चित तौर पर मिलेगा।

उन्होंने पेयजल और साफ-सफाई जैसी समस्याओं का भी उल्लेख किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि इन समस्याओं पर सरकार के साथ मिलकर काम किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यों में थोड़ा समय लग सकता है। इस तरह विधायक बनने के बाद उनके पहले जनसंपर्क अभियान में रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं।

भाजपा के मजबूत गढ़ में जीत के बाद बढ़ी उम्मीदें

प्रशांत किशोर ने हाल ही में पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराकर जीत हासिल की। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को करीब तीन दशक से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे क्षेत्र में प्रशांत किशोर की जीत ने उन्हें बिहार की राजनीति में चर्चा के केंद्र में ला दिया। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। इस जीत के बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा बनाने का भी वादा किया।

अब रोजगार के ऐलान पर टिकी बांकीपुर की नजर

चुनावी जीत के बाद प्रशांत किशोर की ओर से रोजगार को लेकर की गई यह घोषणा उनकी पहली बड़ी पहलों में से एक मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से 10 हजार परिवारों के बच्चों को अगले एक-दो साल में निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उन्होंने बांकीपुर के परिवारों से पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के सीवी और बायोडाटा मांगे हैं।

फिलहाल उनकी घोषणा का केंद्र सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का प्रयास है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि शुरुआती स्तर पर नौकरी के अवसर बिहार से बाहर तलाशे जाएंगे। जन सुराज पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराने की बात उन्होंने कही है।