कभी अपराध और पिछड़ेपन की पहचान माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के जेवर को अब वैश्विक निवेश और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की कोशिश तेज हो गई है। इसी बदलती तस्वीर को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में 6785 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग परियोजना के शिलान्यास समारोह में बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस जेवर को कभी "जंगलराज" के नाम से जाना जाता था, आज वही "मंगलराज" का प्रतीक बन रहा है। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया और अयोध्या के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख कर विकास और विरासत को एक साथ जोड़ने की कोशिश भी की।जेवर से विकास का नया संदेश

जेवर से विकास का नया संदेश

जेवर को बनाया निवेश का नया केंद्र, 6785 करोड़ की परियोजना से बढ़ेगा औद्योगिक विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एसेंट-के सर्किट्स के संयुक्त निवेश से बनने वाला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाई देगा। यह परियोजना करीब 6785 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित होगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करेगी। योगी ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्रों में शामिल हैं। सैमसंग का दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण संयंत्र भी नोएडा में संचालित हो रहा है। अब जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग और नई औद्योगिक परियोजनाओं के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाने जा रहा है।

अयोध्या और दक्षिण कोरिया का ऐतिहासिक रिश्ता, CM योगी ने सुनाई रानी हियो की कहानी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल निवेश की बात नहीं की, बल्कि उत्तर प्रदेश और दक्षिण कोरिया के बीच हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोरियाई परंपराओं के अनुसार दक्षिण कोरिया की महारानी हियो ह्वांग-ओक मूल रूप से अयोध्या की राजकुमारी रत्ना थीं, जिन्होंने समुद्री मार्ग से कोरिया की यात्रा की थी। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि अयोध्या के राम कथा पार्क परिसर में रानी हियो की स्मृति में एक विशेष स्मारक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जब भी दक्षिण कोरिया के राजनयिक या प्रतिनिधिमंडल अयोध्या आते हैं, वे इस साझा विरासत को भावनात्मक रूप से याद करते हैं। उनके अनुसार यही ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध आज दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को भी मजबूती देने का आधार बन रहे हैं।

'डबल इंजन सरकार' के विकास मॉडल पर भरोसा, कानून व्यवस्था को बताया सबसे बड़ी ताकत

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पहले जिन इलाकों में उद्योग लगाने से कंपनियां बचती थीं, आज वहीं बड़े औद्योगिक घराने हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर जैसी परियोजनाएं प्रदेश को देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में काम कर रही हैं। उनका कहना था कि मजबूत कानून-व्यवस्था और बेहतर बुनियादी ढांचा ही निवेश आकर्षित करने का सबसे बड़ा आधार है।

रोजगार, निवेश और वैश्विक पहचान-जेवर से बदलती उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और उससे जुड़े औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े विनिर्माण क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, सप्लाई चेन मजबूत होगी और विदेशी निवेश भी लगातार बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश केवल एक औद्योगिक परियोजना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश अब विकास, निवेश, आधुनिक उद्योग और सांस्कृतिक विरासत-चारों क्षेत्रों में समानांतर रूप से आगे बढ़ रहा है। जेवर में दिया गया उनका "जंगलराज से मंगलराज" वाला बयान आने वाले समय में प्रदेश की विकास राजनीति का प्रमुख संदेश भी माना जा सकता है।