लखीमपुर खीरी में समाधान दिवस के दौरान डीएम से न्याय की गुहार लगाता 13 वर्षीय छात्र। | Source: Chrome

लखीमपुर खीरी में समाधान दिवस के दौरान डीएम से न्याय की गुहार लगाता 13 वर्षीय छात्र।Source : Chrome

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक 13 वर्षीय छात्र अपनी पारिवारिक समस्या लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचा। बच्चे ने घर पर लगे ताले और परिवार की आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए मदद की गुहार लगाई। उसकी बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में पहुंचा मासूम, सुनाई अपनी परेशानी

शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कक्षा आठ का छात्र अमिताभ जिलाधिकारी अंजनी कुमार के सामने पहुंचा। उसने बताया कि उसके घर के एक हिस्से पर उसके ताऊ-ताई ने ताला लगा रखा है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वे उस हिस्से को किराए पर देकर घर का खर्च चलाना चाहते हैं, लेकिन ताला लगे होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

पहले भी की थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

छात्र ने अधिकारियों को बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी स्थानीय पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे ने पूरे मामले को बिना झिझक जिलाधिकारी के सामने रखा। उसकी स्पष्ट बात और आत्मविश्वास ने वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों का ध्यान खींच लिया।

डीएम ने तुरंत दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश

बच्चे की पूरी बात सुनने के बाद जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह को मौके पर जाकर मामले की जांच करने और पारिवारिक विवाद का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके।

जांच में सामने आई पारिवारिक पृष्ठभूमि

मामले की पड़ताल में पता चला कि बच्चे के पिता ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से एक बेटा है, जिसकी मां का निधन हो चुका है और वह फिलहाल लखनऊ में अपनी बुआ के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा है। जिस कमरे पर ताला लगा है, उसे उसी बेटे के हिस्से का बताया जा रहा है। शिकायत करने वाला अमिताभ दूसरी पत्नी का बेटा है। वहीं, उसके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए गए हैं।

प्रशासन ने गंभीरता से लिया मामला

प्रशासन ने बच्चे की शिक्षा, परिवार की आर्थिक स्थिति और पूरे विवाद को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। समाधान दिवस में मासूम छात्र की हिम्मत और जागरूकता चर्चा का विषय बनी रही, जबकि जिलाधिकारी की त्वरित पहल की भी लोगों ने सराहना की।