Source: News 18 Hindi

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक में राम मंदिर चंदा मामले, गौरक्षा और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा अपनी नई रणनीति पर काम कर रही है।

सामने आए वीडियो में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहते नजर आ रहे हैं कि राम मंदिर चंदा मामले में सही कार्रवाई तब होगी, जब उत्तर प्रदेश में नया मुख्यमंत्री आएगा। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार में इस मामले के असली दोषियों पर कार्रवाई होना मुश्किल है।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले ने साबित कर दिया है कि धर्म के नाम पर बड़ा पाप हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी सिर्फ लीपापोती कर रही है। अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर राम मंदिर में काम करने वाले लोगों की कॉल डिटेल की जांच हो जाए तो बड़ी संख्या में बीजेपी से जुड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

गौरक्षा और राष्ट्रमाता के मुद्दे पर भी हुई चर्चा

बैठक में गाय की सुरक्षा और उसे राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग पर भी बातचीत हुई। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इसी मांग को लेकर 81 दिनों की यात्रा पर निकल रहे हैं। फिलहाल वह लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित जगन लाल यादव गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं।

क्या बदल रही है सपा की राजनीतिक रणनीति?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात के जरिए समाजवादी पार्टी उन मुद्दों पर भी सक्रिय होती दिख रही है, जिन्हें अब तक बीजेपी प्रमुखता से उठाती रही है। राम मंदिर, आस्था और गौरक्षा जैसे विषयों पर सपा का खुलकर बोलना इसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है। तस्वीरों में अखिलेश यादव का शंकराचार्य के चरणों में बैठना भी राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने-सामने आए हों। इससे पहले 12 मार्च को भी दोनों की मुलाकात लखनऊ में हुई थी। इसके अलावा कुछ समय पहले सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भी शंकराचार्य से भेंट की थी। ऐसे में लगातार हो रही इन मुलाकातों को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।