पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के दौरान टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी छोड़ने वालों को "गद्दार" बताते हुए कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए सिंबल दिया, नामांकन कराया और जनता के बीच पहचान दिलाई, वे महज़ दो महीने के भीतर ही पार्टी के खिलाफ खड़े हो गए।फेसबुक लाइव के दौरान बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए अपनी बात रखतीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी। | Source: NDtv.com

फेसबुक लाइव के दौरान बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए अपनी बात रखतीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी।Source : NDtv.com

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि जो लोग हर परिस्थिति में टीएमसी के साथ मजबूती से खड़े हैं, वही संगठन की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पार्टी के नेता और प्रवक्ता लगातार अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर चुप्पी बनाए रखी, क्योंकि कई बार खामोशी भी सबसे प्रभावी जवाब होती है।

साथ ही ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावों में धांधली की गई और मतगणना केंद्रों पर वोटों में हेरफेर हुआ। उनके मुताबिक जनता की भलाई के लिए काम करने के बजाय राज्य में डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बेबुनियाद मामले दर्ज कर उन्हें डराने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

इसी दौरान ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को टीएमसी ने चुनाव चिन्ह दिया, नामांकन कराया और चुनाव जिताकर विधानसभा तक पहुंचाया, वही अब पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं। ममता ने कहा कि अगर उनके मुताबिक पार्टी 2023 से सही ढंग से काम नहीं कर रही थी, तो फिर वे 2026 का चुनाव उसी पार्टी के टिकट पर कैसे लड़ सकते हैं? उनके अनुसार ऐसे दावे न केवल विरोधाभासी हैं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक रूप से भी कई सवाल खड़े करते हैं।

आप गद्दार कैसे बन गए?

बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जिन नेताओं को टीएमसी ने चुनाव चिन्ह दिया और जिनके नामांकन पर उन्होंने खुद हस्ताक्षर किए, वे चुनाव के महज़ दो महीने बाद ही पार्टी के खिलाफ खड़े हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दी वे "गद्दार" कैसे बन गए। ममता ने कहा कि टीएमसी की विचारधारा बीजेपी के विरोध की है, ऐसे में बागी नेताओं का बीजेपी के साथ खड़ा होना स्वीकार्य नहीं है।

मैं किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकूंगी

ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को "गद्दार" बताते हुए आरोप लगाया कि वे बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी विचारधारा बीजेपी के साथ है, तो उन्हें खुलकर उसी पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए। ममता ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं और ट"मैं किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकूंगी।"एमसी का चुनाव चिन्ह व विचारधारा दोनों सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि उन पर, महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और अन्य नेताओं पर लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ नेताओं पर दबाव हो सकता है, लेकिन टीएमसी किसी भी सियासी दबाव के आगे नहीं झुकेगी।