पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के भीतर राजनीतिक हलचल तेज होती नजर आ रही है। पार्टी के एक बागी गुट ने दावा किया है कि उसे अधिकांश सांसदों का समर्थन हासिल है और उसने ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग होकर NDA का समर्थन करने का फैसला किया है। इस दावे के सामने आने के बाद TMC के संसदीय दल पर संकट गहराने की चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे ममता बनर्जी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी की ओर से इन दावों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC सांसदों के एक गुट ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर NDA के प्रति समर्थन जताने की इच्छा व्यक्त की है। बागी गुट का दावा है कि उसे पार्टी के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त है और वह संसद में अलग राजनीतिक रुख अपनाना चाहता है। इस घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।

ममता बनर्जी के लिए क्यों अहम है मामला?

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यदि सांसदों का कोई बड़ा समूह वास्तव में नेतृत्व से अलग रास्ता अपनाता है, तो यह पार्टी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर चुनौती बन सकता है।

पार्टी का क्या कहना है?

TMC के कुछ नेताओं ने बागी गुट के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी एकजुट है और सांसदों के NDA समर्थन की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।