पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से विवादों और कानूनी मामलों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल STF ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी उस समय हुई जब वह नेपाल सीमा के पास मौजूद था। जहांगीर खान का नाम फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई विवादों में सामने आ चुका है और विपक्ष लगातार उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।खुद को दबंग नेता की छवि में पेश करने वाले जहांगीर खान को राजनीतिक गलियारों में 'TMC का पुष्पा' भी कहा जाता है। लेकिन अब कानून की कार्रवाई ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। STF की इस कार्रवाई को सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जहांगीर खान पर कौन-कौन से आरोप हैं और उसकी गिरफ्तारी के पीछे पूरा मामला क्या है?

कौन हैं जहांगीर खान?

जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट से TMC के नेता रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम कई विवादों में सामने आया था। चुनावी हिंसा और दबंग छवि के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहे। राजनीतिक गलियारों में उन्हें TMC का 'पुष्पा' भी कहा जाता है।

STF ने कब और कैसे किया गिरफ्तार?

पश्चिम बंगाल STF को सूचना मिली थी कि जहांगीर खान गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्य से बाहर निकलने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर उन्हें 8 जून 2026 की सुबह भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल लाया जा रहा है।

किन मामलों में घिरे हैं जहांगीर खान?

जहांगीर खान के खिलाफ चुनावी हिंसा, धमकी और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज हैं। हाल ही में उन्हें कानूनी राहत भी नहीं मिल सकी थी, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई थी।

राजनीतिक असर क्या होगा?

जहांगीर खान की गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। विपक्ष लंबे समय से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था। वहीं TMC की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस गिरफ्तारी का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।