मध्य प्रदेश के सागर जिले में गेहूं खरीदी व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वेयरहाउस में पहुंची करीब 600 बोरियों में गेहूं की जगह मिट्टी और खराब सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है


बोरियों की जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, गंभीरिया स्थित लक्ष्मी नगर के श्री देव प्रभा वेयरहाउस में शनिवार को ट्रक के जरिए गेहूं की बोरियां पहुंचाई गई थीं। कर्मचारियों ने जब बोरियां उतारकर गोदाम में रखना शुरू किया तो कुछ बोरियों को देखकर उन्हें संदेह हुआ।

जांच के दौरान पता चला कि कई बोरियों में गेहूं की जगह मिट्टी भरी हुई थी। कुछ बोरियों में बहुत कम मात्रा में गेहूं मिला, जबकि अधिकांश हिस्सा मिट्टी और अमानक सामग्री से भरा था। यह देखकर कर्मचारियों और अधिकारियों के होश उड़ गए।


समय रहते पकड़ी गई गड़बड़ी

मामले की जानकारी मिलते ही वेयरहाउस प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पहले से उतारी गई बोरियों को दोबारा ट्रक में लोड कर वापस भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती, तो पूरा माल गोदाम में जमा हो जाता और गड़बड़ी पकड़ में नहीं आती।


खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और भंडारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब इतनी बड़ी गड़बड़ी सरकारी खरीद प्रक्रिया में सामने आ सकती है, तो निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रारंभिक आशंका है कि खरीदी के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं को बदलकर मिट्टी और अमानक सामग्री से भरी बोरियां भेजी गई हों। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


पहले भी मिल रही थीं शिकायतें

वेयरहाउस संचालक के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कर्मचारियों द्वारा लगातार खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की शिकायतें की जा रही थीं। इस संबंध में अधिकारियों को भी जानकारी दी गई थी और माल की जांच कराने की मांग की गई थी।


प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में यह गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार पाया जाता है।