erer | Source: reerपटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीब 15 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शनिवार को पटना जिले के धनरुआ प्रखंड स्थित नदवां गांव पहुंचे और वहां महादलित टोला में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में महादलित टोला के सबसे बुजुर्ग नागरिक जुगेश्वर मांझी ने तिरंगा फहराया। इस दौरान सम्राट चौधरी ने गांव के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की।

गांधी मैदान के बाद सीधे नदवां पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त 2026 को पहली बार पटना के गांधी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया। गांधी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री धनरुआ प्रखंड के नदवां गांव पहुंचे। यहां उन्होंने महादलित टोला में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।

परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री की मौजूदगी में टोला के सबसे वयोवृद्ध नागरिक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और गांव के विकास से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की।

नदवां में विकास योजनाओं की लगी झड़ी

नदवां गांव पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नदवां हाई स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत सरकार भवन और कन्या विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उच्च विद्यालय के खेल मैदान के जीर्णोद्धार की योजना को भी मंजूरी दी। इन घोषणाओं के जरिए नदवां में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत व्यवस्था, सामुदायिक सुविधाओं और खेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है।

क्यों खास है महादलित टोला में ध्वजारोहण की परंपरा?

बिहार में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर महादलित टोला में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति से ध्वजारोहण कराने की परंपरा का खास सामाजिक महत्व रहा है। इस पहल का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देना और उन्हें समानता एवं सहभागिता का एहसास कराना है।

हर साल मुख्यमंत्री राज्य के किसी न किसी महादलित टोला में पहुंचकर स्थानीय बुजुर्ग नागरिक से तिरंगा फहरवाते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ संवाद भी करते हैं और स्थानीय स्तर की समस्याओं तथा विकास की जरूरतों पर चर्चा करते हैं।

2011 में नीतीश कुमार ने शुरू की थी पहल

महादलित टोला में जाकर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की यह परंपरा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू की थी। वर्ष 2011 में 15 अगस्त के अवसर पर नीतीश कुमार ने महादलित टोला में पहुंचकर वहां के बुजुर्ग नागरिक से ध्वजारोहण कराया था। इसके बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी उन्होंने इस पहल को जारी रखा।

इस पहल के पीछे वंचित और पिछड़े समुदायों को सामाजिक सम्मान देने तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य बताया गया। नीतीश कुमार के लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान यह पहल बिहार के स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रही।

नीतीश के बाद अब सम्राट चौधरी ने संभाली परंपरा

नीतीश कुमार ने इसी साल अप्रैल महीने में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाली। मुख्यमंत्री बनने के बाद 15 अगस्त 2026 को सम्राट चौधरी ने पहली बार राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और इसके बाद नदवां के महादलित टोला पहुंचकर नीतीश कुमार की इस परंपरा को आगे बढ़ाया।

सम्राट चौधरी की नदवां यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उन्होंने केवल ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि स्थानीय विकास से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा भी की। इससे कार्यक्रम का फोकस सामाजिक सहभागिता के साथ-साथ स्थानीय विकास पर भी रहा।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर

नदवां के लिए घोषित योजनाओं में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को प्रमुख स्थान दिया गया है। हाई स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की घोषणा के साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र और आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की बात कही गई। इसके अलावा सामुदायिक भवन और पंचायत सरकार भवन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

स्कूल के खेल मैदान के जीर्णोद्धार की योजना को मंजूरी मिलने से विद्यार्थियों के लिए खेल संबंधी सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में भी पहल होगी। कन्या विवाह मंडप के निर्माण की घोषणा भी गांव के लिए घोषित योजनाओं में शामिल है।

वंचित वर्ग को सम्मान देने का संदेश

महादलित टोला में ध्वजारोहण कार्यक्रम का मूल उद्देश्य वंचित वर्ग के लोगों को सम्मान और समानता का संदेश देना रहा है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में स्थानीय समुदाय के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति से तिरंगा फहरवाना इस पहल का प्रमुख हिस्सा है।

नदवां में भी इसी परंपरा के तहत जुगेश्वर मांझी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में भाग लेकर इस परंपरा को जारी रखने का संदेश दिया।