नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार देर रात का नजारा सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग दिखाई दिया। प्रस्तावित संसद मार्च से पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए, जिससे पूरा प्रदर्शन स्थल लोगों से भर गया। हालात ऐसे रहे कि प्रदर्शन स्थल के साथ-साथ आसपास की सड़कों पर भी लोगों की भीड़ नजर आई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी संसद मार्च की तैयारी पूरी है और कई लोग रातभर जंतर-मंतर पर ही रुकने की योजना बनाकर पहुंचे हैं।
रात होते-होते प्रदर्शन स्थल पर बढ़ती गई भीड़
रविवार रात जंतर-मंतर पर लगातार लोगों का पहुंचना जारी रहा। गर्मी और उमस के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं दिखा। बड़ी संख्या में लोग पोस्टर, बैनर और अन्य सामग्री के साथ पहुंचे। कई प्रदर्शनकारी अपने साथ चादरें और आवश्यक सामान भी लेकर आए ताकि वे रातभर वहीं रुक सकें। प्रदर्शन स्थल के भर जाने के बाद आसपास की सड़कों पर भी लोगों की मौजूदगी बढ़ती गई।
संसद मार्च की तैयारी का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनकी तैयारियां पूरी हैं। उनका कहना है कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। इसी संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, धारा 163 लागू
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रदर्शन स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पष्ट एडवाइजरी
नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सार्वजनिक एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही कोई अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है और सभी नागरिकों से इसका पालन करने की अपील की गई है।
निर्धारित स्थल के बाहर मार्च और जुलूस पर रोक
दिल्ली पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर मार्च, जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। ऐसे किसी भी आयोजन के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कानून का पालन करने की अपील
डीसीपी सचिन शर्मा ने नागरिकों से कानून का सम्मान करने और किसी भी गैर-कानूनी सभा या मार्च में शामिल नहीं होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
मार्च की अनुमति नहीं, हाई सिक्योरिटी जोन में विशेष सतर्कता
पुलिस सूत्रों के अनुसार CJP को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है। संसद सत्र को देखते हुए हाई सिक्योरिटी जोन में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई है तथा वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अवैध मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रात में भी जारी रही नारेबाजी और सांस्कृतिक गतिविधियां
रविवार देर रात तक प्रदर्शन स्थल पर विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य डफली के साथ गीत गाते और नारे लगाते दिखाई दिए। पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहा। जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सके।
कई रास्ते बंद, लंबी कतारों के बाद मिल रही एंट्री
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कुछ मार्गों को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबी कतारों से होकर गुजरना पड़ रहा है। सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में समय लग रहा है।
प्रदर्शन स्थल से बाहर तक फैली भीड़
जंतर-मंतर का निर्धारित प्रदर्शन स्थल पूरी तरह भर जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग आसपास की सड़कों पर भी एकत्रित हो गए। कई प्रदर्शनकारी पानी के टैंकरों और बैरिकेडिंग के पास खड़े होकर नारे लगाते नजर आए। देर रात तक पूरे इलाके में लोगों की आवाजाही बनी रही और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखती रहीं।
