erer | Source: ererरांची। झारखंड में JPSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को आंदोलन का 13वां दिन पूरा होने के साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर दी। छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और अब तक ठोस कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिलने के बाद छात्रों ने भी प्रतिनिधिमंडल भेजकर वार्ता करने की सहमति जताई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि 10 अगस्त को प्रस्तावित झारखंड विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय समय पर ही आयोजित किया जाएगा।

13वें दिन भी जारी रहा विरोध, छह छात्र आमरण अनशन पर

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

सरकार के रवैये से नाराज छात्रों ने उठाई इस्तीफे की मांग

आंदोलन के दौरान कई छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है। छात्रों का आरोप है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो मामले की CBI जांच कराने में किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्र राहुल क्रांति ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि छात्र बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सरकार के अब तक के रुख से उन्हें सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार अपनी एजेंसियों द्वारा जांच की बात कर रही है, जबकि छात्र स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने को तैयार हुए छात्र

आंदोलन के शुरुआती चरण में छात्रों की मांग थी कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनसे बातचीत करे। हालांकि अब सरकार की ओर से संपर्क किए जाने के बाद छात्रों ने अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया है।

राहुल क्रांति ने बताया कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल के बाद छात्रों ने भी बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। इससे पहले बुधवार को राज्य सरकार के दो अधिकारी आंदोलन स्थल पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से वार्ता करने का प्रस्ताव रखा था।

'मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं' होने का लगाया आरोप

एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्र ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि अब आंदोलनकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्र का आरोप था कि मुख्यमंत्री काफी समय पहले बेंगलुरु से लौट चुके हैं, लेकिन उन्होंने आंदोलन और छात्रों की मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। इसी कारण आंदोलनकारी अब राजनीतिक जवाबदेही की भी मांग कर रहे हैं।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रहेगा जारी

छात्रों ने साफ कर दिया है कि सरकार से बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम यथावत रहेगा। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तिरंगा मार्च निकालकर दोहराई अपनी मांग

आंदोलन के दौरान छात्रों ने तिरंगा मार्च भी निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए भर्ती परीक्षाओं और नौकरियों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।

एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि तिरंगा मार्च का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और कथित पेपर लीक व नौकरियों की बिक्री जैसे आरोपों पर कठोर कार्रवाई की मांग करना है।

सरकार ने दिया बैठक का प्रस्ताव, छात्र कर रहे प्रतिनिधियों का चयन

छात्रों के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर राज्य सरकार के दो प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पहुंचे थे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ बैठक करने का प्रस्ताव रखा और छात्रों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने को कहा।

पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि छात्र इस बात पर विचार कर रहे हैं कि बंद कमरे में होने वाली बैठक में कौन-कौन प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम तय कर दिए जाएंगे ताकि सरकार के साथ औपचारिक वार्ता हो सके।

अनशन पर बैठे छात्रों की बिगड़ रही तबीयत

भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का गुरुवार को चौथा दिन रहा, जबकि अन्य पांच छात्रों के अनशन का तीसरा दिन था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार उपवास के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

एक छात्र ने ANI से कहा कि उसकी तबीयत लगातार खराब हो रही है और खड़े होने पर चक्कर आने लगते हैं। उसने बताया कि वह कम से कम बोलने की कोशिश कर रहा है क्योंकि शरीर में कमजोरी लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री से भावुक अपील, कहा- हमें चाहिए कार्रवाई और न्याय

एक अन्य अनशनकारी छात्र ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के अभिभावक की भूमिका में हैं और जब बच्चे भूखे रहते हैं तो अभिभावक भी चिंतित होते हैं। छात्र ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि वास्तविक कार्रवाई और न्याय की उम्मीद है।

उधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर JPSC भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद की जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है।