
(प्रेस कॉन्फ्रेंस करते तेजस्वी यादव) Source : Abp News
पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत और बीजेपी की हार के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनाव में आरजेडी तीसरे स्थान पर रही, लेकिन तेजस्वी यादव ने परिणाम को बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ जनता का जनादेश बताया।
जनादेश स्वीकार, BJP सरकार और सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
मंगलवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब तेजस्वी यादव से बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि यह परिणाम बीजेपी सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश को दर्शाता है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “जनादेश को हम लोग स्वीकार करते हैं, लेकिन यह जनता का आक्रोश बीजेपी की सरकार, मुख्यमंत्री और उनकी गलत नीतियों के खिलाफ था।” उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बने अभी करीब 150 दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में बीजेपी एक एमएलसी और एक विधायक का चुनाव हार चुकी है। तेजस्वी ने कहा कि इससे साफ है कि सम्राट चौधरी अपने कार्यकाल में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
बांकीपुर में BJP का किला ढहा, प्रशांत किशोर की जीत बनी चर्चा
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। इस चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि आरजेडी तीसरे स्थान पर रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नतीजे ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में नए समीकरणों को जन्म दिया है और विपक्ष को भी नई रणनीति बनाने का मौका दिया है।
उपेंद्र कुशवाहा बोले- नतीजा चौंकाने वाला, हार के कारणों की होगी समीक्षा
उधर, एनडीए की ओर से भी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है। जनता का फैसला हमारे लिए सर्वोपरि है। यह जरूर समीक्षा का विषय है कि ऐसी स्थिति क्यों बनी। हमें हार के कारणों का गंभीरता से विश्लेषण करना होगा।”
