नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच नजर आई नजदीकी ने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है। बैठक के दौरान दोनों नेता साथ बैठीं और उनके बीच सहज बातचीत का दृश्य भी सामने आया। इसी बीच जब ममता बनर्जी से 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय बात को दूसरी ओर मोड़ दिया।
सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की नजदीकी ने खींचा ध्यान
30 सितंबर को नई दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी साथ बैठी नजर आईं। उनके पास राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। बैठक में ममता बनर्जी के बोलने के दौरान सोनिया गांधी की ओर से उनकी पीठ थपथपाने का दृश्य भी चर्चा में रहा।
इससे पहले भी दोनों नेताओं की साथ तस्वीरें सामने आती रही हैं। जून में हुई बैठक के दौरान भी सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं। ऐसे में बुधवार की बैठक में दोनों नेताओं की नजदीकी को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
क्या ममता ने सोनिया को बैठक में आने के लिए मनाया था?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने दावा किया कि साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से आग्रह किया था। रिपोर्ट के अनुसार, ममता ने सोनिया गांधी से मार्गदर्शन देने की अपील भी की थी।
बैठक के दौरान जब ममता बनर्जी निर्वाचन आयोग को लेकर अपनी बात रख रही थीं, तब सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया भी कैमरों में दर्ज हुई। हालांकि, बैठक में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी के नाम पर ममता ने क्यों नहीं दिया सीधा जवाब?
बैठक के बाद पत्रकारों ने ममता बनर्जी से पूछा कि क्या 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ही INDIA गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस सवाल पर ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के नाम पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी और वहां बात की जाएगी। ममता का यह जवाब सामने आने के बाद 2029 के लिए विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई।
फिलहाल INDIA गठबंधन की ओर से राहुल गांधी को 2029 के लिए आधिकारिक प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की कोई घोषणा नहीं हुई है। इसलिए ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग को लेकर ममता ने लगाए गंभीर आरोप
बैठक में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी तीखी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए।
ममता बनर्जी ने ईवीएम और मतगणना को लेकर भी सवाल उठाए। ये उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है।
INDIA गठबंधन ने आगे के कार्यक्रमों का किया ऐलान
बैठक में विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से आंदोलन करने की बात कही। गठबंधन की ओर से 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के निर्वाचन आयोग तक मार्च की योजना बताई गई।
नवंबर में दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने की बात भी सामने आई है। बैठक में शामिल नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने की रणनीति पर चर्चा की।
अधीर रंजन चौधरी ने राहुल गांधी के नेतृत्व की पैरवी की
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे और INDIA गठबंधन की बैठक में उनकी भागीदारी को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व के लिए राहुल गांधी को आगे रहना चाहिए।
हालांकि, यह अधीर रंजन चौधरी का राजनीतिक मत है। INDIA गठबंधन की ओर से 2029 के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर क्या रणनीति अपनाता है। राहुल गांधी के नाम पर सवाल पूछे जाने के बाद ममता बनर्जी का सीधा जवाब नहीं देना इस मुद्दे को फिर चर्चा में ले आया है। दूसरी ओर सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की बैठक के दौरान दिखाई दी नजदीकी ने भी राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वालों का ध्यान खींचा है।
