
पटना समाहरणालय
पटना। जिले में विभिन्न सरकारी ऋण एवं वित्तीय योजनाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने बैंकों को पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शुभम कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभिषेक के अलावा जिले में कार्यरत 34 बैंकों के जिला समन्वयक शामिल हुए।
बैठक में ऋण वितरण और वसूली के साथ कृषि, पशुपालन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर, जीविका, पीएमईजीपी और पीएमएफएमई समेत कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों के ऋण आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं और स्वीकृति से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
25 लाख से अधिक के जानबूझकर डिफॉल्ट मामलों पर होगी कार्रवाई
बैठक में 25 लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर जानबूझकर राशि वापस नहीं करने वाले विलफुल डिफॉल्टरों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया। सूची मिलने के बाद ऐसे मामलों में नीलाम पत्र वाद के जरिए ऋण वसूली की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के डिफॉल्टर लाभुकों की सूची भी मांगी गई है।
पशुपालन ऋण के लंबित आवेदनों का होगा नियमित रिव्यू
पशुपालन विभाग से बैंकों को भेजे गए ऋण आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया गया। लंबित मामलों की बैंकवार समीक्षा के लिए हर 15 दिन पर बैंक और पशुपालन विभाग की संयुक्त बैठक कराने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य पात्र किसानों को पशुपालन गतिविधियों के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराना है।
सीडी रेशियो 50.04%, 70% तक पहुंचाने का लक्ष्य
पटना जिले का कैश डिपॉजिट रेशियो (सीडी रेशियो) 50.04 प्रतिशत पाया गया, जबकि बिहार का औसत करीब 58 प्रतिशत है। बैठक में इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाने के लिए बैंकों को ठोस प्रयास करने को कहा गया। भारतीय स्टेट बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत कम मिलने पर विशेष सुधार के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार जमा राशि का अधिक हिस्सा ऋण के रूप में वितरित होने से कृषि, कारोबार, स्वरोजगार और रोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
1.19 लाख करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक साख योजना के तहत जिले में करीब 1.19 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। पहली तिमाही की उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया, लेकिन निजी बैंकों को अपनी प्रगति में और सुधार करने को कहा गया।
पीएम सूर्य घर योजना में सिविल स्कोर की जांच नहीं
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गैर-बीपीएल परिवारों को तीन किलोवाट तक का सोलर प्लांट लगाने के लिए इस योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने में सिविल स्कोर की जांच आवश्यक नहीं है। बैंकों को पात्र आवेदकों को बिना अनावश्यक परेशानी के ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
14 हजार जीविका खाते खोलने का लक्ष्य
जिले की 309 पंचायतों में बैंक सखी के माध्यम से जीविका के बैंक खाते खोले जाने हैं। सालभर में करीब 14 हजार खाते खोलने का लक्ष्य है। बैंकों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सीएसपी और बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने तथा ग्राहक सेवा केंद्रों और बैंक कोऑर्डिनेटर के लिए महिलाओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिले में कार्यरत 34 बैंकों के जिला समन्वयक और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभिषेक समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय से ही ऋण योजनाओं का प्रभावी लाभ पात्र लो
गों तक पहुंचाया जा सकता है।
