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लद्दाख के जाने माने इंजीनियर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं। सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख में शिक्षा, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए SECMOL नाम की संस्था शुरू की और पानी की कमी से निपटने के लिए ‘आइस स्तूपा’ जैसी नई पहल की। फिल्म ‘3 इडियट्स’ का मशहूर किरदार ‘फुंसुक वांगड़ू’ भी उन्हीं से प्रेरित बताया जाता है।
अब उनकी लगातार खराब होती तबीयत को लेकर बॉलीवुड के कई सितारों ने चिंता जताई है और सरकार से इस मामले में बातचीत करने की मांग की है।
जीनत अमान ने क्या कहा?
अभिनेत्री जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि सोनम वांगचुक 17वें दिन भी भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने लिखा कि खबरों के मुताबिक उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। उनकी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं और उन्हें काफी दर्द भी हो रहा है।
जीनत अमान ने कहा कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा और पर्यावरण के लिए बहुत काम किया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मामले का हल बातचीत के जरिए निकाला जाए।
नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह ने भी दिया समर्थन
लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह और अर्थशास्त्री जयति घोष ने भी एक संयुक्त बयान जारीकिया। उन्होंने कहा कि वे सोनम वांगचुक और उनके साथियों के संघर्ष का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी गिरती सेहत चिंता की बात है। उन्होंने वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील भी की। उनका कहना है कि यह लड़ाई लंबी है और देश को आगे भी उनके नेतृत्व की जरूरत पड़ेगी।
अभय देओल और ओमी वैद्य भी आए साथ
अभिनेता अभय देओल ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की तस्वीर साझा कर उन्हें अपना समर्थन दिया। वहीं, फिल्म ‘3 इडियट्स’ में चतुर रामलिंगम का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने भी एक वीडियो जारी किया।
ओमी वैद्य ने कहा, “मैं नहीं चाहता कि फुंसुक वांगड़ू मर जाए।” उन्होंने बताया कि फिल्म का यह किरदार असल में सोनम वांगचुक से प्रेरित था। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को समझने और वांगचुक की आवाज को आगे बढ़ाने की अपील की।
क्या हैं सोनम वांगचुक की मांगें?
सोनम वांगचुक लद्दाख से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनकी मांग है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा मिले। इसके अलावा वे स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं।
इसी वजह से उनका आंदोलन अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
