ere | Source: ereअयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने अकेले एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम कथित तौर पर अपने कब्जे में ली। चार्जशीट में उसकी संपत्ति, खर्च और गणना कक्ष में उसकी भूमिका से जुड़े कई विवरण दर्ज किए गए हैं।

पहले ट्रस्ट से जुड़ा काम, फिर बैंक की एजेंसी के जरिए गणना कक्ष तक पहुंच

पुलिस की जांच के मुताबिक अनुकल्प मिश्रा वर्ष 2024 में राम मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से चढ़ावे की रकम की गणना के काम से जुड़ा था। इसके बाद वर्ष 2025 में भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट की व्यवस्था के तहत गणना तथा रकम बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़ी सुरक्षा एजेंसी सैनिक सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से भी वह गणना कक्ष में काम करने लगा।

चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि गणना कक्ष में चढ़ावे की बड़ी रकम तक पहुंच मिलने के बाद अनुकल्प ने अन्य लोगों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने में भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार उसके संपर्क के बाद लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ला समेत अन्य लोगों की गणनाकर्मी के रूप में नियुक्ति हुई।

सीसीटीवी में 56 बार भूमिका का दावा, संपत्ति खरीद की भी जांच

जांच रिपोर्ट के अनुसार गणना कक्ष के सीसीटीवी फुटेज में अनुकल्प मिश्रा के 56 बार कथित रूप से रकम हटाने या दूसरे आरोपियों की मदद करने का उल्लेख है। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के साथ मोबाइल चैट, कॉल विवरण और बैंक लेनदेन को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।

पुलिस के अनुसार अनुकल्प मिश्रा के पास से करीब 16.82 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। जांच में उसकी संपत्ति और खर्च की भी पड़ताल की गई। चार्जशीट से जुड़े विवरण में आरोप है कि कथित रकम का इस्तेमाल मकान, निर्माण कार्य और अन्य खर्चों में किया गया।

55 लाख के मकान की खरीद ने भी खींचा जांच का ध्यान

जांच में कौशलपुरी कॉलोनी में करीब 55 लाख रुपये में मकान खरीदे जाने का मामला भी सामने आया। यह मकान अनुकल्प मिश्रा के पिता रवीन्द्र मिश्रा के नाम पर खरीदा गया था। पुलिस के अनुसार इस संपत्ति के भुगतान में बैंक के माध्यम से करीब 29.50 लाख रुपये और 25 लाख रुपये नकद दिए गए थे।

चार्जशीट में पुलिस ने यह भी दावा किया है कि कथित चढ़ावा राशि से जुड़े धन का इस्तेमाल अनुकल्प के निर्माणाधीन मकान सहित अन्य खर्चों में किया गया। इसी क्रम में गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम पर भी रकम खर्च किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

गांव में बढ़ा खर्च, रामकथा और साड़ियां बांटने का भी जिक्र

जांच में अनुकल्प मिश्रा के रहन-सहन में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर से जुड़ने के बाद उसने गांव में अपनी सामाजिक पकड़ मजबूत करने के लिए काफी खर्च किया।

चार्जशीट से संबंधित विवरण के अनुसार गांव में भव्य रामकथा का आयोजन कराया गया था। इसमें राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों के साथ संतों और जनप्रतिनिधियों को बुलाए जाने की बात सामने आई है। गांव की महिलाओं को साड़ियां बांटने का भी उल्लेख किया गया है।

मंदिर में चोरी की कुल रकम का आंकड़ा अब भी बड़ा सवाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच में सात आरोपियों से कुल 79.8 लाख रुपये की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। वहीं सीसीटीवी जांच में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कई कथित घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

हालांकि अनुकल्प मिश्रा से जुड़ी कथित एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम का आकलन उसकी संपत्ति और खर्च से संबंधित जांच के आधार पर किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।