हैदराबाद। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का चौथा मुकाबला रोमांचक अंदाज में समाप्त हुआ। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में बुधवार को वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम को 24 रन से हराकर सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने कप्तान शे होप के शानदार शतक की बदौलत 20 ओवर में तीन विकेट खोकर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम तेज शुरुआत के बावजूद 19.4 ओवर में 223 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत 248 रन के विशाल लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा।
शे होप के शतक ने भारतीय गेंदबाजों को किया परेशान
वेस्टइंडीज की पारी का सबसे बड़ा आकर्षण कप्तान शे होप की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में नौ छक्के और चार चौके शामिल रहे। होप ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
होप ने पारी के अंतिम ओवर में लगातार दो छक्के लगाकर अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 248 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खुलकर रन बनाए और आखिरी ओवरों में तेजी से रन बटोरे।
शे होप ने शेरफेन रदरफोर्ड के साथ चौथे विकेट के लिए नाबाद 91 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की। रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और तीन छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने वेस्टइंडीज को 240 रन के पार पहुंचा दिया।
शुरुआती झटकों के बाद भी वेस्टइंडीज ने बनाए 247 रन
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन पांचवें ओवर में अक्षर पटेल ने सलामी बल्लेबाज ज्वेल एंड्रयू को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। एंड्रयू ने 16 गेंदों पर 21 रन बनाए।
इसके बाद शिमरन हेटमायर और शे होप ने पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 24 गेंदों पर 58 रन की तेज साझेदारी हुई। प्रिंस यादव ने नौवें ओवर में हेटमायर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद रोवमैन पॉवेल ने भी तेजी से रन बनाने की कोशिश की। उन्होंने 17 गेंदों पर 24 रन बनाए, लेकिन अर्शदीप सिंह ने उन्हें पवेलियन भेज दिया।
हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज की रन गति पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा सके। शे होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगाकर स्कोर को 247 रन तक पहुंचा दिया। भारत की ओर से अक्षर पटेल, प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला।
संजू सैमसन की तूफानी शुरुआत, भारत ने पावरप्ले में बनाए 80 रन
248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाए। भारतीय टीम ने पावरप्ले में एक विकेट खोकर 80 रन जुटाए। संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए सिर्फ 23 गेंदों पर 56 रन की शानदार पारी खेली।
संजू की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि भारत बड़े लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। लेकिन पांचवें ओवर में कीमो पॉल ने संजू को आउट कर भारत को पहला बड़ा झटका दिया।
इसके बाद ईशान किशन भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। उन्होंने तीन गेंदों पर छह रन बनाए और कीमो पॉल का दूसरा शिकार बने। लगातार दो विकेट गिरने से भारतीय पारी की रफ्तार प्रभावित हुई, हालांकि टीम ने शुरुआती ओवरों में जरूरी रन गति बनाए रखी थी।
श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा भी नहीं बदल सके मैच का रुख
संजू सैमसन और ईशान किशन के आउट होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर से बड़ी पारी की उम्मीद थी। लेकिन वह 11 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हो गए। उनके बल्ले से दो चौके निकले। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की, मगर वह भी लंबी पारी नहीं खेल सके।
अभिषेक ने 24 गेंदों पर 29 रन बनाए। उन्हें गुडाकेश मोती ने आउट किया। इसके बाद नमन धीर पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। लगातार विकेट गिरने से भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता गया और लक्ष्य तक पहुंचने की चुनौती कठिन होती चली गई।
एक समय तेज शुरुआत के कारण भारत की उम्मीदें मजबूत थीं, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़े लक्ष्य के अनुरूप लगातार रन नहीं बना सके। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने जगाई उम्मीद
भारतीय पारी के मध्य और अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की। तिलक वर्मा ने 25 गेंदों पर 43 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और तीन छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर, नीतीश कुमार रेड्डी ने 20 गेंदों पर 41 रन की तेज पारी खेली।
दोनों बल्लेबाजों के बीच तेजी से रन बने और भारतीय टीम की जीत की उम्मीद फिर से जागी। तिलक और नीतीश ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उनकी साझेदारी ने मुकाबले को कुछ समय के लिए रोमांचक बना दिया।
लेकिन तिलक वर्मा के आउट होते ही भारत को बड़ा झटका लगा। इसके बाद नीतीश कुमार रेड्डी भी ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। कीमो पॉल ने नीतीश को आउट करने के बाद अगली गेंद पर प्रिंस यादव का विकेट लेकर भारतीय टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। अक्षर पटेल केवल तीन रन बना सके।
कीमो पॉल के पांच विकेट ने भारत की उम्मीदों पर फेरा पानी
वेस्टइंडीज की जीत में कीमो पॉल की गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को महत्वपूर्ण मौकों पर आउट कर रन गति पर लगाम लगाई और विकेटों का सिलसिला जारी रखा। संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट करने के बाद उन्होंने अंतिम ओवरों में भी भारत को संभलने का मौका नहीं दिया।
कीमो पॉल ने इस मुकाबले में पांच विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने भारतीय टीम की आक्रामक शुरुआत का फायदा खत्म कर दिया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय विकेट बचाए रखना बेहद जरूरी था, लेकिन भारत नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा।
भारतीय पारी के दौरान अर्शदीप सिंह के हाथ में चोट लगने की भी खबर सामने आई। चोट के कारण उन्हें रिटायर्ड आउट होना पड़ा। इससे अंतिम ओवरों में भारत की लक्ष्य हासिल करने की संभावना को और झटका लगा। अंततः पूरी भारतीय टीम 19.4 ओवर में 223 रन पर आउट हो गई और वेस्टइंडीज ने मुकाबला 24 रन से अपने नाम कर लिया।
चौथे टी20 के बाद सीरीज 2-2 से बराबर
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत की बढ़त समाप्त कर दी और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज की जीत के पीछे शे होप का शतक, शेरफेन रदरफोर्ड की तेज पारी और कीमो पॉल की प्रभावशाली गेंदबाजी की अहम भूमिका रही।
भारत के लिए संजू सैमसन, तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम लक्ष्य से दूर रह गई। अब सीरीज का फैसला पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में होगा, जहां दोनों टीमों के पास श्रृंखला जीतने का अवसर रहेगा।
