मुंबई:

बॉलीवुड के 'सुपरस्टार' सलमान खान अपनी बेबाकी और बड़े पर्दे पर हैरतअंगेज एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में बॉडीबिल्डिंग और शर्टलेस होने का ट्रेंड शुरू करने वाले सलमान आज भी अपनी फिटनेस से नए एक्टर्स को मात देते हैं। लेकिन पर्दे पर दिखने वाले इन गगनचुंबी एक्शन सीन्स के पीछे कितना बड़ा जान का जोखिम होता है, इसका खुलासा खुद सलमान खान ने हाल ही में किया है। 'वैरायटी इंडिया' (Variety India) को दिए एक इंटरव्यू में सलमान खान ने अपने करियर के उस सबसे खौफनाक और जानलेवा हादसे का जिक्र किया, जब वे एक स्टंट के दौरान मौत के मुंह से बाल-बाल बचकर वापस लौटे थे।

यह खौफनाक वाकया करीब 35 साल पुराना है, जब सलमान खान कर्नाटक के उडुपी में अपनी फिल्म 'जागृति' (1992) की शूटिंग कर रहे थे। फिल्म के एक अहम सीन के लिए सलमान को एक 80 फीट ऊंचे पहाड़ से नीचे छलांग लगानी थी।

सलमान ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया:

"नीचे खड़े होकर जब मैंने उस 80 फीट ऊंचे पहाड़ को देखा, तो मुझे लगा कि हां, मैं यह जंप आसानी से कर लूंगा। उस दौर में आज की तरह आधुनिक सेफ्टी इक्विपमेंट्स या हाई-टेक वीएफएक्स (VFX) नहीं होते थे। आम तौर पर स्टंट के लिए नीचे एक या दो कार्डबोर्ड बॉक्स रखे जाते थे, लेकिन इस बार ऊंचाई बहुत ज्यादा थी, इसलिए स्टंट टीम ने सुरक्षा के लिए बक्सों की तीन परतें (Three layers of boxes) लगाई थीं और उनके ऊपर एक गद्दे को बिछा दिया था।"

लेकिन असली मुसीबत तब शुरू हुई जब सलमान पहाड़ की चोटी पर पहुंचे। पहाड़ की बनावट कुछ ऐसी थी कि उसका बीच का हिस्सा बाहर की ओर निकला हुआ था (Stomach shape पहाड़)। चोटी पर पहुंचने के बाद सलमान को नीचे रखे सेफ्टी बॉक्स दिखाई ही नहीं दे रहे थे।

सलमान खान ने आगे बताया कि चोटी से नीचे का नजारा बेहद डरावना था। इतनी ऊंचाई से नीचे बिछाए गए बॉक्स एक छोटी सी माचिस की डिब्बी की तरह लग रहे थे। सलमान ने कहा, "वहां खड़े होने के बाद मेरा इरादा बदल गया था, मैं वह छलांग नहीं लगाना चाहता था। लेकिन तब तक वहां शूटिंग देखने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। अब इतनी ऊपर चढ़ने के बाद वापस नीचे उतर जाना और स्टंट करने से मना करना, मेरे ईगो (अहंकार) को गंवारा नहीं था। भीड़ के सामने मैं डरपोक साबित नहीं होना चाहता था।"

बस इसी 'ईगो' और फैंस की उम्मीदों के दबाव में सलमान ने केवल अपने अनुमान (Judgment) के भरोसे कूदने का फैसला किया। उन्होंने ऊपर खड़े अपने मेकअप मैन का हाथ पकड़ा, थोड़ा पीछे हटे और छलांग लगाने के लिए तेजी से आगे की तरफ दौड़े।

दौड़ने के दौरान पहाड़ की चोटी पर मौजूद गिट्टी और बारीक रेत की वजह से सलमान खान का पैर बुरी तरह फिसल गया। पैर फिसलते ही वे सीधे नीचे की ओर गिरने लगे। गिरने की रफ्तार और दिशा इतनी खतरनाक थी कि उनका सिर सीधे पहाड़ की नुकीली चट्टान से टकराने वाला था। सलमान ने उस रोंगटे खड़े कर देने वाले पल को बयां करते हुए कहा, "जब मैं गिरा, तो मेरा सिर चट्टान से टकराते-टकराते बचा। गिरते समय मेरे सिर के बाल उस पहाड़ की नुकीली चट्टान को छूते हुए (Graze करते हुए) निकले थे। अगर एक सेंटीमीटर का भी फासला कम होता, तो सीधा सिर पत्थर पर लगता और बड़ा हादसा हो सकता था।"

पैर फिसलने के कारण सलमान सीधे अपनी पीठ के बल (Back-first) नीचे गिरे। हालांकि वे सुरक्षा के लिए रखे गद्दों पर ही गिरे, लेकिन इतनी ऊंचाई से गिरने का इंपैक्ट (झटका) इतना जबरदस्त था कि वे पूरी तरह सुन्न हो गए। सलमान ने बताया कि इस भयानक हादसे के बाद करीब डेढ़ मिनट (90 सेकेंड) तक उनकी सांसें पूरी तरह अटक गई थीं और वे सांस नहीं ले पा रहे थे। सेट पर मौजूद हर शख्स की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन कुछ देर बाद जब सलमान संभले, तब जाकर पूरी यूनिट ने राहत की सांस ली।

इंटरव्यू के दौरान सलमान खान ने एक और पुराने हादसे का जिक्र किया, जो उनकी सुपरहिट फिल्म 'पत्थर के फूल' (1991) की शूटिंग के दौरान मुंबई के माउंट मैरी रोड पर हुआ था। इस फिल्म में सलमान को स्केटिंग (Skating) करते हुए बक्सों के ऊपर से एक लंबी छलांग लगानी थी।

पहले प्रयास में वे सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और वहां मौजूद लोग हंसने लगे। अपनी बेइज्जती से बचने के लिए सलमान ने दोबारा स्टंट करने की जिद की। इस बार वे काफी दूर (बामोरल हॉल बिल्डिंग) से स्केट्स पहनकर पूरी रफ्तार में दौड़े। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि वे सुरक्षा के लिए रखे गए बक्सों को पार करते हुए सीधे कैमरा यूनिट के पास बनी एक गहरी खाई (Ditch) में जा गिरे। इस हादसे में भी उनकी पीठ पर इतनी गंभीर चोट आई थी कि वे लगभग डेढ़ मिनट तक तड़पते रहे और सांस नहीं ले पा रहे थे।