
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने सोशल मीडिया पर उनकी कथित AI से बनाई गई फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल किए जाने को लेकर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रिया सरोज का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज ने अपनी शिकायत में BJP नेता अमोद सिंह और अधिवक्ता विशाल सिंह का नाम लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत और भ्रामक पोस्ट साझा किए, जिनमें उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। सांसद का कहना है कि इन तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं, जिससे उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
प्रिया सरोज ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को निशाना बनाकर फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार करना एक बड़ा साइबर अपराध बनता जा रहा है। सांसद ने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बताया जा रहा है कि प्रिया सरोज ने अपनी शिकायत के साथ सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं। साइबर पुलिस अब इन पोस्ट और अकाउंट्स की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्वीरें किसने बनाई और सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने साझा कीं।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है। कई लोगों ने प्रिया सरोज के समर्थन में पोस्ट किए और AI तकनीक के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि किसी भी महिला की फर्जी तस्वीरें बनाकर उसे बदनाम करना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रिया saroj ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस मामले को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की “नाकाम साजिश” है। सांसद ने आरोप लगाया कि जौनपुर से जुड़े कुछ लोग और BJP IT Cell के कार्यकर्ता जानबूझकर फर्जी तस्वीरें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा की राजनीति नहीं, बल्कि डर और अफवाह फैलाने की राजनीति है।
गौरतलब है कि प्रिया सरोज हाल ही में भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ अपनी सगाई को लेकर भी चर्चा में रही थीं। ऐसे में यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर और ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इस पूरे मामले के बाद एक बार फिर AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AI की मदद से फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाना अब पहले से आसान हो गया है, जिससे साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को निशाना बनाए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
